कहा-महाकुंभ से मिली सीख के आधार पर रेलवे मैनुअल में होंगे स्थायी सुधार
महाकुम्भनगर (प्रयागराज), 27 फरवरी (हि.स.)। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव आज प्रयागराज जंक्शन पहुंचे। रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर महाकुम्भ के दौरान रेलवे की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह भव्य आयोजन संभव हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने बिहार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का भी आभार जताया। वैष्णव ने कहा इन दोनों के सहयोग से रेलवे ने बेहतर समन्वय स्थापित किया और श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा की सुविधा दी।
रेलमंत्री ने बताया कि प्रारंभ में रेलवे ने 13 हजार ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित संख्या को देखते हुए 16 हजार से अधिक ट्रेनों का सफल संचालन किया गया। इस दौरान लगभग 4.5 से 5 करोड़ श्रद्धालु सुरक्षित रूप से महाकुम्भ पहुंचे और संगम स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। रेलवे ने राज्य पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और रेपिड एक्शन फोर्स के साथ मिलकर अभूतपूर्व समन्वय स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशानुसार, श्रद्धालुओं को केवल भीड़ न समझकर उनकी श्रद्धा और भक्ति को प्राथमिकता दी गई। इसी दृष्टिकोण से रेलवे ने कई नवाचार किए, जिनमें खुशरोबाग, झूंसी, नैनी, छिवकी, प्रयाग जंक्शन और प्रयागराज जंक्शन में बड़े होर्डिंग एरिया विकसित किए गए। इससे यात्रियों को सुगमता मिली और भीड़ नियंत्रण प्रभावी ढंग से किया गया। महाकुम्भ के 45 दिनों के इस महाआयोजन में रेलवे के विभिन्न विभागों ने अत्यंत समन्वित रूप से कार्य किया, जिससे संपूर्ण व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहीं और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई।
रेलमंत्री वैष्णव ने कहा कि इस महाकुम्भ से मिली सीख को रेलवे मैनुअल में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य में अन्य बड़े आयोजनों में इसका लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि रेलवे इस ऐतिहासिक अनुभव के आधार पर अपने भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं में नए सुधार लाएगा, जिससे देशभर में यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी।