महाकुंभ में Naga Baba Pramod Giri की अनोखी हठयोग साधना का रहस्य

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🕉️ संगम की रेती पर अनोखी साधना

महाकुंभ क्षेत्र में हठयोग की कठोर साधना देखने को मिल रही है।
नागा साधु ईश्वर आराधना में पूर्ण रूप से लीन नजर आ रहे हैं।

🔱 51 घड़ों के गंगाजल से प्रतिदिन स्नान

Naga Baba Pramod Giri प्रतिदिन भोर में विशेष स्नान करते हैं।
भक्त 51 घड़ों में गंगाजल लाकर उनके स्नान के लिए अर्पित करते हैं।

📍 सेक्टर 20 में जमी है धूनी

बाबा सेक्टर 20 स्थित श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा छावनी के बाहर हैं।
त्रिवेणी मार्ग पर धूनी जमाकर साधना की जा रही है।

🧘 हठयोग से ईश्वर प्राप्ति का संकल्प

बाबा हठयोग के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं।
यह साधना शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत कठिन मानी जाती है।

🗓️ पूरे माघ मास चलेगी तपस्या

बाबा ने बताया कि यह साधना माघ मास तक निरंतर चलेगी।
प्रतिदिन स्नान के बाद धूनी के साथ ध्यान किया जाता है।

🙏 भक्तों की समस्याएं भी सुनते हैं बाबा

साधना के साथ बाबा भक्तों का मार्गदर्शन भी करते हैं।
श्रद्धालु अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते हैं।

🌍 राजस्थान से महाकुंभ तक की साधना यात्रा

बाबा मूल रूप से राजस्थान के गंगापुर क्षेत्र से जुड़े हैं।
महाकुंभ में उनकी साधना श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

📊 Naga Baba Pramod Giri से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
नामNaga Baba Pramod Giri
अखाड़ाश्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा
साधना स्थानसेक्टर 20, महाकुंभ क्षेत्र
विशेष साधना51 घड़ों के गंगाजल से स्नान
साधना प्रकारहठयोग
साधना अवधिपूरा माघ मास
दैनिक क्रियास्नान, धूनी, ध्यान
भक्त सहभागितागंगाजल सेवा और दर्शन

🔎 महाकुंभ में हठयोग का महत्व

महाकुंभ में हठयोग साधना दुर्लभ मानी जाती है।
यह आत्मसंयम और ईश्वर भक्ति का श्रेष्ठ उदाहरण है।

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