🌼 बसंत पंचमी पर महाकुम्भ का ऐतिहासिक क्षण
महाकुम्भ नगर में बसंत पंचमी पर्व पर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
जूना अखाड़ा ने दो नए Jagatguru Shankaracharya की नियुक्ति की।
🕉️ जूना अखाड़ा में भव्य अभिषेक समारोह
समारोह जूना अखाड़े के शीर्ष संतों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शंकराचार्य पद पर अभिषेक किया गया।
👑 दो संत बने जगतगुरु शंकराचार्य
महामंडलेश्वर
Swami Atmanand Giri
और
Shanti Giri Maharaj
को जगतगुरु शंकराचार्य नियुक्त किया गया।
🙏 वरिष्ठ संतों का संरक्षण और मार्गदर्शन
इस आयोजन का संरक्षण
Swami Avdheshanand Giri
ने किया।
अध्यक्षता और दिशा-निर्देशन
Hari Giri Maharaj
के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
🗣️ श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का बयान
Narayan Giri
ने बताया कि शांति गिरि महाराज के नाम की विधिवत पुकार हुई।
इसके बाद उनका शंकराचार्य पद पर अभिषेक किया गया।
🔱 लिंगायत परंपरा के संत भी हुए शामिल
महाराष्ट्र और कर्नाटक से जुड़े लिंगायत परंपरा के संतों को शामिल किया गया।
ये संत 150 वर्षों से जूना अखाड़ा परंपरा से जुड़े रहे हैं।
🌊 अमृत स्नान में भी निभाई सहभागिता
नव-शामिल संतों ने जूना अखाड़ा के अमृत स्नान में भाग लिया।
इससे अखाड़े की एकता और परंपरा और मजबूत हुई।
🌍 सनातन परंपरा का विस्तार
यह नियुक्ति अद्वैत वेदांत और सनातन संस्कृति के विस्तार का प्रतीक है।
महाकुम्भ में यह निर्णय ऐतिहासिक अध्याय बन गया।
📊 Juna Akhara Jagatguru Shankaracharya Appointment: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अवसर | बसंत पंचमी |
| आयोजन | महाकुम्भ 2025 |
| अखाड़ा | श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा |
| नियुक्त पद | जगतगुरु शंकराचार्य |
| नियुक्त संत | आत्मानंद गिरि, शांति गिरि |
| संरक्षण | स्वामी अवधेशानंद गिरि |
| अध्यक्षता | श्रीमहंत हरि गिरि |
| विशेष | लिंगायत संत शामिल |



