🔹 दावोस से बड़ा आर्थिक संदेश
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा दावा किया।
उन्होंने कहा— Maharashtra 1 Trillion Economy 2030 तक बन जाएगी।
🔹 महाराष्ट्र की तेज ग्रोथ
पिछले एक दशक में राज्य की औसत वृद्धि 10% से अधिक रही।
यही रफ्तार लक्ष्य तक पहुंचने की गारंटी है।
🔹 2032 से पहले माइलस्टोन
फडणवीस ने कहा— 2032 तक महाराष्ट्र देश की पहली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बन सकता है।
लेकिन सरकार का लक्ष्य 2030 तय किया गया है।
🔹 विदेशी निवेश का बड़ा केंद्र
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र को “Gateway of India for Investment” बताया।
उन्होंने कहा कि निवेशकों की पहली पसंद महाराष्ट्र है।
🔹 तीसरी मुंबई का उदय
नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास नई आर्थिक हब तैयार हो रही है।
इसे “तीसरी मुंबई” कहा जा रहा है।
🔹 60–65 समझौतों पर अमल
सरकार ने 60–65 MoUs को लागू कर दिया है।
दावोस समझौतों में 75–80% कन्वर्ज़न हुआ है।
🔹 16 लाख करोड़ के MoUs
पिछले साल महाराष्ट्र में 16 लाख करोड़ के MoUs साइन हुए।
राष्ट्रीय औसत 25–30% है, जबकि महाराष्ट्र में 50–55% है।
🔹 AI और डेटा हब
महाराष्ट्र के पास देश की 60% डेटा सेंटर क्षमता है।
अब राज्य “Data Center Capital of India” बन चुका है।
🔹 नए आर्थिक शहर
नवी मुंबई के पास पांच बड़े शहर बन रहे हैं—
- Edu City
- Innovation City
- Sports City
- Medicity
- GCC City
🔹 35 लाख नई नौकरियां
इन परियोजनाओं से 35 लाख हाई-पेइंग जॉब्स बनेंगी।
युवाओं के लिए यह बड़ा अवसर है।
🔹 वैश्विक चुनौती, स्थानीय ताकत
ग्लोबल मंदी के बावजूद भारत चमकता सितारा है।
महाराष्ट्र इस ग्रोथ का इंजन बना हुआ है।
🔹 निष्कर्ष
Maharashtra 1 Trillion Economy सिर्फ सपना नहीं, ठोस रणनीति है।
दावोस से मिले संकेत इसे और मजबूत बनाते हैं।




