अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित माजबाट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन

0
28
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य माजबाट रेलवे स्टेशन

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित 117 वर्ष पुराने माजबाट रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह स्टेशन न केवल एक रेलवे स्टेशन है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी है।

माजबाट रेलवे स्टेशन का स्वर्णिम युग

माजबाट रेलवे स्टेशन का इतिहास 117 वर्ष पुराना है, और यह शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। इस स्टेशन का उद्घाटन के साथ, यह एक नए युग की शुरुआत है, जिसमें यह शहर के विकास और तरक्की का माध्यम बनेगा।

राज्यपाल के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शाम 5:30 बजे स्टेशन पर पहुंचकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने स्टेशन के सभी विकास कार्यों का अवलोकन किया और स्टेशन के कर्मचारियों से उनकी प्रशंसा की।

स्टेशन के विकास की प्रगति

माजबाट रेलवे स्टेशन के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस बजट के साथ, स्टेशन को एक नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। स्टेशन के प्लेटफार्म, वेटिंग हॉल, और अन्य विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है।

राज्यपाल के उद्बोधन में विशेष बिंदु

राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि माजबाट रेलवे स्टेशन एक ऐतिहासिक धरोहर है, जो शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के विकास से शहर के लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी, जैसे कि स्वच्छता, सुरक्षा, और जल्दी से जल्दी यात्रा करने की सुविधा।

निष्कर्ष

अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित 117 वर्ष पुराने माजबाट रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के अवसर पर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कहा कि यह स्टेशन शहर के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के विकास से शहर के लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। इस उद्घाटन के साथ, यह स्टेशन एक नए सिरे से विकसित होगा और शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर बनेगा।