वाराणसी, 16 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति पर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को भी बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। दशाश्वमेध सहित अन्य घाटों पर गंगा स्नान के बाद भक्त कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन करते रहे। मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त की मंगला आरती के साथ ही दर्शन-पूजन का क्रम अनवरत जारी रहा।
विशेष श्रृंगार और भोग परंपरा
मकर संक्रांति की पूर्व रात्रि बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। भोग आरती में परंपरागत रूप से चूड़ा–मटर अर्पित किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
मध्याह्न भोग आरती में बाबा को खिचड़ी, चूड़ा-मटर, पापड़, अचार, भाजा, तिलकुट, गजक और तिल के लड्डू अर्पित किए गए। मंदिर न्यास के अनुसार 11 कुंतल खिचड़ी तैयार की गई, जिसे आरती के बाद प्रसाद रूप में वितरित किया गया।
टेढ़ीनीम और गौरीकेदारेश्वर में विशेष अनुष्ठान
श्री काशी विश्वनाथ के पूर्व महंत स्व. कुलपति तिवारी के टेढ़ीनीम स्थित आवास पर बाबा की रजत चल प्रतिमा के समक्ष तिल-मिष्ठान का भोग महंत पुत्र डॉ. वाचस्पति तिवारी ने अर्पित किया।
केदारघाट स्थित गौरीकेदारेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति पर प्राकट्योत्सव मनाया गया। ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती के बाद 21 वैदिकों ने बिल्वार्चन कराया और 21 मन खिचड़ी का भोग लगाया गया। मान्यता है कि इसी दिन गौरीकेदारेश्वर महादेव खिचड़ी में प्रकट हुए थे।
भक्ति का माहौल
पूरे मंदिर परिसर और घाटों पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्था सुचारू रही, जिससे दर्शन सुगमता से होते रहे।



