मंडी में नदी निगरानी समिति की बैठक आयोजित
मंडी जिले में नदी निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उहल नदी से जुड़े विभिन्न मुद्दों और पर्यावरण संरक्षण उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
शानन प्रोजेक्ट को दिए गए निर्देश
बैठक के दौरान नदी निगरानी समिति ने शानन प्रोजेक्ट से संबंधित गाद हटाने के कार्य की समीक्षा की। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह कार्य एसडीएम पधर के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर पूरा किया जाए।
मछलियों के संरक्षण पर विशेष जोर
उपायुक्त ने कहा कि मछलियों के प्रजनन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डी-सिल्टिंग का कार्य हर वर्ष 1 जून से 15 अक्टूबर के बीच ही किया जाए। इससे नदी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
डी-सिल्टिंग प्रक्रिया के लिए नई व्यवस्था
नदी निगरानी समिति की बैठक में निर्देश दिए गए कि डी-सिल्टिंग का कार्य 4-4 घंटे के अंतराल में किया जाए। इससे नदी के जल प्रवाह और आसपास के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकेगा।
सेंसर लगाने के निर्देश
उपायुक्त ने शानन प्रोजेक्ट के प्रवेश और निकास द्वारों पर चार सेंसर लगाने के निर्देश दिए। इन सेंसरों के माध्यम से नदी की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी और आसपास रहने वाले लोगों को संभावित असुविधा से बचाया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती
नदी निगरानी समिति की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नदी संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सभी निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करने के लिए कहा है।



