मंदसौर में आरटीई प्रवेश को लेकर बच्चों का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के मंदसौर में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज छोटे बच्चे मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब 40 डिग्री तापमान के बीच बच्चे अपने माता-पिता के साथ छाता लेकर प्रदर्शन करते रहे।
सेंट थॉमस स्कूल पर प्रवेश नहीं देने का आरोप
मामला शहर के सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी प्रवेश से जुड़ा है। अभिभावकों का आरोप है कि आरटीई योजना के तहत ऑनलाइन लॉटरी में चयन होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया।
मोबाइल पर आया था प्रवेश का संदेश
प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए उनके बच्चों का चयन ऑनलाइन प्रक्रिया में हुआ था। उन्हें 15 अप्रैल तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का संदेश भी मिला था। लेकिन जब वे स्कूल पहुंचे तो प्रबंधन ने आरटीई के तहत प्रवेश देने से मना कर दिया। बाद में आवंटन निरस्त होने का मैसेज भी भेज दिया गया।
कई जगह शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान
अभिभावकों का कहना है कि वे इस मामले में कलेक्टर कार्यालय, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा सांसद सुधीर गुप्ता और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक बच्चों को प्रवेश नहीं मिला।
अधिकारियों ने दी समझाइश
मंगलवार सुबह बच्चे और उनके अभिभावक कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और समाधान का आश्वासन देने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद आरटीई प्रवेश प्रक्रिया और निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिलने में लगातार बाधाएं आ रही हैं।



