पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित मंगला हाट में मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाठ पिंगुवा ने की। इसमें झारखंड सरकार द्वारा जारी पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्र) नियमावली 2025 को असंवैधानिक बताते हुए सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह नियमावली पेसा अधिनियम 1996 और संविधान की पांचवीं अनुसूची के विरुद्ध है। उनका आरोप है कि सरकार ने नियमावली को 29 साल बाद अधिसूचित किया, जबकि पेसा अधिनियम के अनुसार इसे एक वर्ष के भीतर लागू किया जाना था।
⚖️ ग्राम सभा के अधिकारों का उल्लंघन
संघ ने कहा कि पेसा कानून की धारा 4(म) ग्राम सभा को सात विशेष शक्तियां देती है, लेकिन नियमावली 2025 में इन्हें नजरअंदाज कर झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 के अनुसार ग्राम सभा की परिभाषा दी गई है, जिससे आदिवासी स्वशासन कमजोर होता है।
संघ का आरोप है कि नियमावली में लगभग 25 अन्य अधिनियमों को जोड़कर पेसा की मूल भावना को खत्म कर दिया गया है।
🏛️ स्वशासी परिषद की मांग
मानकी मुंडा संघ ने सरकार से मांग की कि—
- अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासी परिषद का गठन किया जाए
- सशक्त ग्राम सभा को संवैधानिक अधिकारों के साथ लागू किया जाए
- पेसा कानून के अनुसार अलग अधिसूचना जारी की जाए
👥 बैठक में ये प्रमुख लोग शामिल रहे
इस बैठक में कृष्णा सामाड मानकी, कामिल केराई मानकी, ललित सावैंया मानकी, दलप देवगम, कृष्णा सिंकू, सुशील सिंकु, सूबेदार देवगम, बागुन सोय और प्रभु सहाय देवगम सहित बड़ी संख्या में मानकी-मुंडा समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।




