मैक्सवोल्ट एनर्जी की स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री, लिस्टिंग के बाद शेयरों में गिरावट

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नई दिल्ली, 19 फ़रवरी (हि.स.)। लिथियम आयन बैटरी बनाने वाली कंपनी मैक्सवोल्ट एनर्जी ने आज स्टॉक मार्केट में फीकी एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 180 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना उतार-चढ़ाव के 180 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने के कारण इस शेयर में गिरावट आ गई। दोपहर 12 बजे तक के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 178 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह कंपनी के आईपीओ निवेशकों को पहले दिन ही नुकसान होता हुआ नजर आ रहा है।

मैक्सवोल्ट एनर्जी का आईपीओ 12 से 14 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.23 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 6.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.45 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 45.20 करोड़ रुपये के 24 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 10.80 करोड़ रुपये के 6 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज का भुगतान करने, प्लांट और मशीनरी की खरीदारी करने, कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक 2022-23 में कंपनी को 13.92 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 48.79 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में कंपनी को 28 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.21 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी को पहली छमाही के दौरान 4.77 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हो चुका है, जबकि इस अवधि में कंपनी 41 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल कर चुकी थी।

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