🔹 Medinipur Elephant Rescue की शुरुआत
पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में रोमांचक घटना हुई।
Medinipur Elephant Rescue ने ग्रामीणों को राहत दी।
खेत के बीच गहरे गड्ढे में शावक गिर गया।
अंधेरे में मां के साथ गुजरते समय हादसा हुआ।
🔹 मां की चिंघाड़ से मचा हड़कंप
शावक गिरते ही मां ने जोर से चिंघाड़ा।
Medinipur Elephant Rescue की सूचना तुरंत दी गई।
ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
वन विभाग को तत्काल बुलाया गया।
🔹 चार घंटे चला अभियान
पिराकाटा रेंज की टीम मौके पर पहुंची।
मां हाथी पास खड़ी रही, जिससे जोखिम बढ़ा।
Medinipur Elephant Rescue में पहले मां को हटाया गया।
फिर रस्सियों और ढलान से शावक निकाला गया।
🔹 सुरक्षित जंगल की ओर वापसी
करीब चार घंटे बाद शावक बाहर आया।
प्राथमिक जांच के बाद उसे मां संग भेजा गया।
Medinipur Elephant Rescue ने संवेदनशीलता दिखाई।
ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर काम किया।
🔹 विभाग की अपील
खुले गड्ढों को ढंकने की सलाह दी गई।
इलाके में हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ेगी।
Medinipur Elephant Rescue एक सीख भी दे गया।
वन्यजीव और मानव सुरक्षा दोनों जरूरी हैं।



