🔹 Medinipur Fire Tragedy ने छीना एक होनहार छात्र
कोलकाता के आनंदपुर स्थित गोदाम में लगी भीषण आग ने Medinipur Fire Tragedy को जन्म दिया।
इस हादसे में तमलुक निवासी 18 वर्षीय छात्र देवादित्य डिंडा की दर्दनाक मौत हो गई।
🔹 बाइक की चाहत से घर छोड़ने का फैसला
देवादित्य कक्षा 11 का मेधावी छात्र था और बाइक खरीदने का सपना देख रहा था।
पिता की आर्थिक मजबूरी से आहत होकर वह स्वयं कमाई करने घर से निकल पड़ा।
यह फैसला Medinipur Fire Tragedy का सबसे दर्दनाक मोड़ बन गया।
🔹 मेहनत कर सपने पूरे करने की कोशिश
देवादित्य एक मित्र के साथ आनंदपुर पहुंचा और एक डेकोरेटर गोदाम में काम करने लगा।
वह जल्द घर लौटकर पढ़ाई जारी रखने का भरोसा भी दे चुका था।
🔹 आखिरी कॉल और आखिरी सेल्फी
हादसे से कुछ घंटे पहले उसने अपनी मां से फोन पर बात की थी।
उसने सोशल मीडिया पर एक अंतिम सेल्फी भी साझा की थी।
कुछ ही समय बाद Medinipur Fire Tragedy ने उसकी जिंदगी छीन ली।
🔹 राख के ढेर में बदल गया वजूद
भीषण अग्निकांड में गोदाम में काम कर रहे कई श्रमिकों की मौत हुई।
देवादित्य का अस्तित्व भी आग की लपटों में राख बन गया।
🔹 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घर में मातम पसरा है और पिता खुद को दोष दे रहे हैं।
उनके मन में अब यह पीड़ा है कि क्या वे अंतिम दर्शन कर पाएंगे।
🔹 डीएनए जांच से पहचान की कोशिश
प्रशासन शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया अपना रहा है।
Medinipur Fire Tragedy एक परिवार के लिए जीवनभर का घाव बन गई है।




