▶️ पर्यटन पर संकट की मार
मेघालय में एलपीजी की कमी अब गंभीर रूप लेती जा रही है। इसका सीधा असर पर्यटन से जुड़े होटल और रेस्तरां उद्योग पर दिखाई दे रहा है, जहां सेवाएं सीमित करनी पड़ रही हैं।
▶️ आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध एलपीजी आपूर्ति को फिलहाल अस्पतालों और छात्रावासों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कारण होटल और रेस्तरां को पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही है।
▶️ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर असर
शिलांग और चेरापूंजी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल संचालकों ने बताया कि उन्हें किचन संचालन सीमित करना पड़ रहा है।
कई जगहों पर अब लकड़ी और कोयले का उपयोग कर खाना बनाया जा रहा है, जिससे समय अधिक लग रहा है और मेन्यू भी छोटा करना पड़ा है।
▶️ मेहमानों से सहयोग की अपील
रेस्तरां संचालक पारंपरिक धीमी आंच पर खाना बना रहे हैं और पर्यटकों से अधिक इंतजार और सीमित विकल्पों को लेकर सहयोग की अपील कर रहे हैं।
▶️ उद्योग पर बढ़ता दबाव
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन की कमी से नियमित संचालन प्रभावित हुआ है और कई प्रतिष्ठान पूरा मेन्यू देने में असमर्थ हैं।
इससे न केवल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि पर्यटकों के अनुभव पर भी असर पड़ रहा है।



