मीरजापुर में खुलेगा नया पैरावेटनरी कॉलेज
मीरजापुर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मड़िहान क्षेत्र में स्थित एक नए पैरावेटनरी कॉलेज को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल गई है। इससे पशुपालन और पशु चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
200 सीटों पर होगा प्रवेश
नए पैरावेटनरी कॉलेज में डिप्लोमा इन वेटनरी फार्मेसी और डिप्लोमा इन लाइवस्टॉक एक्सटेंशन पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस प्रकार कुल 200 छात्रों को हर वर्ष प्रवेश का अवसर मिलेगा।
स्थानीय छात्रों को मिलेगा फायदा
पैरावेटनरी कॉलेज शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के लिए अन्य जिलों या बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार से मिली आधिकारिक अनुमति
प्रदेश सरकार ने निर्धारित नियमों और शैक्षणिक मानकों के तहत पैरावेटनरी कॉलेज को पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति दी है। संस्थान को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
रोजगार और स्वरोजगार के बढ़ेंगे अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरावेटनरी कॉलेज से प्रशिक्षित होने वाले युवा पशु चिकित्सा सेवाओं, डेयरी प्रबंधन, टीकाकरण और पशुपालन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इससे स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
हर साल तैयार होंगे प्रशिक्षित युवा
कॉलेज में शुरू होने वाले पाठ्यक्रमों के माध्यम से हर वर्ष 200 प्रशिक्षित पैरावेट कर्मी तैयार होंगे। ये युवा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पशुपालन सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विंध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल
पैरावेटनरी कॉलेज की स्थापना को विंध्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे शिक्षा, रोजगार और पशुपालन क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।



