राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे को लेकर विवाद
ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को पत्र लिखकर राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हालिया दौरे के दौरान कथित असम्मानजनक व्यवहार पर चिंता व्यक्त की है।
अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने गई थीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हाल ही में Siliguri में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अंतिम समय में किए गए बदलाव, खासकर आदिवासी समुदाय से जुड़े कार्यक्रम के स्थान परिवर्तन, दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
लोकतांत्रिक परंपराओं के सम्मान की बात
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा आपसी सम्मान और गरिमा पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी संवैधानिक पदों के सम्मान को प्रभावित नहीं करने चाहिए।
आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत
माझी ने कहा कि इस घटना से देशभर के आदिवासी, पिछड़े और दलित समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति स्वयं संथाल समुदाय से आने वाली एक सम्मानित आदिवासी महिला हैं, इसलिए इस घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है।
पश्चिम बंगाल की छवि पर असर
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की छवि पर भी अनावश्यक छाया डाली है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल अपनी सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए जाना जाता है, इसलिए ऐसे मामलों में उच्च मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
खेद व्यक्त करने का आग्रह
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने ममता बनर्जी से इस मामले पर विचार करने और राष्ट्रपति तथा देश की जनता से खेद व्यक्त करने का आग्रह किया।



