🔹 Motihari Police Mitra Scam का खुलासा
बिहार के मोतिहारी में बेरोजगार युवकों से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है।
पुलिस मित्र की नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे गए।
🔹 42 युवाओं को बनाया गया शिकार
Motihari Police Mitra Scam में करीब 42 युवकों से ठगी हुई है।
हर युवक से मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया गया है।
🔹 थानों के परिसर में चला ठगी का खेल
चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी थाना परिसरों में हुई।
फर्जी आई-कार्ड पहनाकर जॉइनिंग तक कराई गई।
🔹 नौकरी और वेतन का लालच
ठगों ने हर महीने 16 हजार रुपये वेतन का वादा किया।
युवकों को जिला कोऑर्डिनेटर जैसे पदों का भी झांसा दिया गया।
🔹 पीड़ित की शिकायत से खुला मामला
कोटवा निवासी रवि कुमार यादव ने पुलिस में आवेदन दिया।
उन्होंने जून 2025 में चार लाख रुपये ठगे जाने की बात कही।
🔹 फर्जी दस्तावेज दिखाकर भरोसा जीता
ठगों ने डीजीपी के नाम का पत्र दिखाया।
उस पर रिसीविंग का दावा कर युवकों को गुमराह किया गया।
🔹 कई थाना क्षेत्रों में फैला नेटवर्क
यह ठगी सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रही।
कोटवा, अरेराज, घोड़ासहन और गोविंदगंज तक खेल फैला।
🔹 मास्टरमाइंड के गायब होते ही हंगामा
कई महीनों तक वेतन का झांसा दिया गया।
मुख्य आरोपी के गायब होने पर पीड़ितों ने शिकायत की।
🔹 SIT गठित, जांच तेज
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई।
प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में SIT बनाई गई।
🔹 जल्द गिरफ्तारी का दावा
पुलिस का कहना है कि पूरे सिंडिकेट का खुलासा होगा।
Motihari Police Mitra Scam में शामिल सभी दोषी पकड़े जाएंगे।




