संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
नियमितीकरण की मांग बनी मुख्य मुद्दा
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार से नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पूर्व में किए गए आश्वासनों के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है।
वेतन और सुविधाओं को लेकर भी मांग
हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य बीमा और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) जैसी सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अन्य राज्यों की तर्ज पर बेहतर लाभ मिलने चाहिए।
समान काम-समान वेतन की मांग
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से “समान काम-समान वेतन” की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्ते नहीं मिलते।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में कठिनाइयां आने की आशंका है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
हड़ताल के बीच अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारियों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



