एमएसएमई दिवस 2026–उद्यमी भारत का महत्व

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सी. पी. राधाकृष्णन और जीतन राम माझी की तस्वीर

‘एमएसएमई दिवस 2026–उद्यमी भारत’ समारोह में उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, जीतन राम माझी और अन्य

पूरे देश के लिए उत्साह और उत्कृष्टता का एक दिन, 27 जून को ‘एमएसएमई दिवस 2026–उद्यमी भारत’ समारोह में उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, जीतन राम माझी और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने शिरकत की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, उन्होंने उद्यमिता के महत्व और भारत के विकास में एमएसएमई के योगदान को सम्मानित किया।

एमएसएमई की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करते हुए समारोह

समारोह में, एमएसएमई के उत्कृष्ट उद्यमियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, उन्होंने अपनी संघर्षमयी यात्रा के बारे में अपनी कहानियां साझा कीं। उनकी कहानियां न केवल प्रेरणादायक थीं, बल्कि यह भी साबित करती थीं कि एमएसएमई के माध्यम से भारत में विकास संभव है।

जीतन राम माझी की प्रेरणादायक कहानियां

जीतन राम माझी ने अपने अनुभवों को शेयर करते हुए कहा, “एमएसएमई ने मुझे अपने सपनों को पूरा करने का मौका दिया। यह एक ऐसा मंच है जहां आप अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।” उनकी प्रेरणादायक कहानियां सभी को प्रेरित करती हैं और एमएसएमई के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संबोधन

उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा, “एमएसएमई भारत के विकास के लिए आवश्यक है। यह हमारे देश को विश्व स्तर पर एक प्रमुख आर्थिक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमें एमएसएमई को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।”

निष्कर्ष

‘एमएसएमई दिवस 2026–उद्यमी भारत’ समारोह एक महत्वपूर्ण अवसर था जिसने एमएसएमई के महत्व और भारत के विकास में इसके योगदान को सामने लाया। इस अवसर पर उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, जीतन राम माझी और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने अपनी कहानियां साझा कीं। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने सभी को एमएसएमई के महत्व और भारत के विकास में इसके योगदान को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।

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