🔹 तीसरे स्टॉक एक्सचेंज की एंट्री
भारत को जल्द ही MSE Stock Exchange के रूप में तीसरा एक्सचेंज मिलेगा।
यह बीएसई और एनएसई के बाद बाजार में नई प्रतिस्पर्धा लाएगा।
🔹 ट्रेडिंग की तैयारी
अगले दो सप्ताह में सक्रिय ट्रेडिंग शुरू हो सकती है।
इसीलिए MSE Stock Exchange अभी मार्केट मेकर्स की नियुक्ति कर रहा है।
🔹 लिक्विडिटी पर फोकस
शुरुआत में 130 शेयरों में लिक्विडिटी दी जाएगी।
इससे MSE Stock Exchange निवेशकों को बेहतर विकल्प देगा।
🔹 निवेशकों का समर्थन
ग्रो और जेरोधा जैसी बड़ी ब्रोकरेज ने इसमें निवेश किया है।
यह MSE Stock Exchange की विश्वसनीयता बढ़ाता है।
🔹 बाजार में चुनौती
विशेषज्ञ मानते हैं कि बीएसई और एनएसई से मुकाबला आसान नहीं होगा।
फिर भी MSE Stock Exchange को लंबी दौड़ में मजबूत माना जा रहा है।
🔹 सेबी के नियम
डेरिवेटिव्स में एक्सपायरी नियम चुनौती पैदा कर सकते हैं।
इससे MSE Stock Exchange की रणनीति अहम हो जाती है।
🔹 निवेशकों के लिए मौका
तीसरे एक्सचेंज से प्रतिस्पर्धा और विकल्प बढ़ेंगे।
इसलिए MSE Stock Exchange बाजार में बदलाव ला सकता है।



