मुंडागांव में बढ़ा विवाद
बस्तर जिले के मुंडागांव में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासनिक टीम जब शासकीय भूमि खाली कराने पहुंची, तब ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
कार्रवाई के लिए पहुंची थी टीम
प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य बाजार स्थल की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जा को हटाना था। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए।
ग्रामीणों ने किया विरोध
अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि कई परिवार वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली उचित नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने भी संभाला मोर्चा
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक चंदन कश्यप भी शामिल हुए। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि बरसात के मौसम में गरीब परिवारों को हटाना सही नहीं है। उन्होंने अवैध कब्जा मामले में प्रभावित परिवारों को पट्टा देने की मांग उठाई।
नोटिस को लेकर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि कुल 16 परिवारों में से केवल 13 लोगों को ही नोटिस दिया गया था। इसी कारण लोगों ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
वापस लौटी प्रशासनिक टीम
लगातार बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासनिक टीम को कार्रवाई रोकनी पड़ी। अंततः जेसीबी और अधिकारियों को मौके से वापस लौटना पड़ा।
समाधान की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि वर्षों से रह रहे परिवारों को वहां से न हटाया जाए। साथ ही प्रभावित लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था या भूमि का पट्टा देने की मांग भी की गई है।



