नंदीग्राम बना फिर राजनीतिक रणभूमि
नंदीग्राम एक बार फिर नंदीग्राम चुनाव 2026 के चलते सुर्खियों में है।
यह सीट पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित और हाई-वोल्टेज सीटों में गिनी जाती है।
दिलचस्प मुकाबला: सहयोगी बनाम नेता
इस बार मुकाबला और भी खास हो गया है—
- शुभेंदु अधिकारी (भाजपा उम्मीदवार)
- पवित्र कर (तृणमूल उम्मीदवार)
पवित्र कर कभी शुभेंदु के करीबी सहयोगी रहे हैं, लेकिन अब दोनों आमने-सामने हैं।
2021 की यादें फिर ताजा
नंदीग्राम 2021 में पूरे देश की नजरों में आया था, जब—
ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने बेहद करीबी मुकाबले में हराया था।
इस जीत ने भाजपा को इस सीट पर पहली बार कब्जा दिलाया।
इस बार ममता मैदान से बाहर
2026 में ममता बनर्जी इस सीट से चुनाव नहीं लड़ रही हैं।
भाजपा इसे बड़ा मुद्दा बना रही है और इसे पिछली हार से जोड़कर देख रही है।
ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व
नंदीग्राम का इतिहास भी बेहद अहम रहा है—
👉 2007 का भूमि आंदोलन, जिसने बंगाल की राजनीति बदल दी
👉 2011 में वाम मोर्चा की सत्ता का अंत
यह सीट हमेशा सत्ता परिवर्तन की कहानी से जुड़ी रही है।
वोटर और समीकरण
- मुस्लिम वोटर: ~23.6%
- अनुसूचित जाति: ~16.46%
- ग्रामीण वोटर: ~96%
यहां मतदान प्रतिशत भी काफी ज्यादा रहता है (2021 में 88.5%)।
चुनाव की तारीख और माहौल
👉 23 अप्रैल 2026 को नंदीग्राम में मतदान होगा।
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल और गर्म होता जा रहा है।
क्या होगा नतीजा?
👉 नंदीग्राम चुनाव 2026 सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला माना जा रहा है।



