नरेंद्रपुर अग्निकांड: अपनों की आस में बिलखते पूर्व मेदिनीपुर के परिवार

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🔹 नरेंद्रपुर अग्निकांड के बाद फैक्ट्री गेट पर पसरा दर्द

Narendrapur Fire Incident के बाद दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र स्थित नाजीराबाद की थर्माकोल फैक्ट्री के बाहर सोमवार को दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला।
पूर्व मेदिनीपुर जिले से आए लापता श्रमिकों के परिजन अपनों की एक झलक पाने की उम्मीद में घंटों फैक्ट्री गेट के बाहर बैठे रहे।

🔹 13 श्रमिक अब भी लापता

इस भीषण आग की घटना के बाद पूर्व मेदिनीपुर के 13 श्रमिकों के लापता होने की सूचना ने पूरे जिले को सदमे में डाल दिया है।
लापता लोगों में पांशकुड़ा, मोयना, तमलुक और नंदकुमार क्षेत्रों के मजदूर शामिल हैं।

🔹 परिवारों की आंखों में सिर्फ एक सवाल

किसी को अपने बेटे की चिंता है, तो किसी को पति या भाई की।
पांशकुड़ा से आए एक बुजुर्ग पिता ने कहा—
“सुबह से कोई खबर नहीं मिली… बस भगवान से दुआ है कि बेटा जिंदा मिल जाए।”

तमलुक से आई एक महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर बार-बार बेसुध हो जा रही थी।
Narendrapur Fire Incident ने परिवारों को असहाय और टूटे हुए हालात में ला खड़ा किया है।

🔹 प्रशासन पर उठे सवाल

परिजनों का आरोप है कि प्रशासन लापता श्रमिकों की स्पष्ट सूची और शवों की जानकारी साझा नहीं कर रहा है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई है।
अनिश्चितता और इंतजार का यह दर्द हर पल भारी होता जा रहा है।

🔹 प्रशासन का भरोसा

पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी यूनिस रिसिन इस्माइल ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और पहचान की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

🔹 मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

Narendrapur Fire Incident ने रोज़गार की तलाश में दूसरे जिले जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा और कामकाजी हालात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फैक्ट्री गेट के बाहर बैठी आंखें अब सिर्फ एक ही खबर का इंतजार कर रही हैं—
“अपना जिंदा है या नहीं?”

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