नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले के बाद विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन, पीएम से माफी और इस्तीफे की मांग

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नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले के बाद विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर दिल्ली की अदालत द्वारा संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद बुधवार को संसद भवन परिसर में सियासी घमासान तेज हो गया। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार के पास विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

पीएम से माफी और इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने हाथों में ‘सत्यमेव जयते’ लिखा बड़ा बैनर थामा हुआ था और “प्रधानमंत्री माफी मांगो” तथा “प्रधानमंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाए। विपक्षी सांसदों का कहना था कि अदालत के फैसले ने सरकार के आरोपों की पोल खोल दी है।

कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर, राजीव रंजन (पप्पू यादव) सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले को राजनीतिक बदले की भावना से आगे बढ़ाया गया।

केसी वेणुगोपाल का बयान

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अदालत के फैसले से सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस और उसके नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब न्यायपालिका ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे को देशभर में और मजबूती से उठाएंगे।

मणिकम टैगोर का आरोप

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से सरकार ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर झूठा प्रचार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया और अब अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है।

प्रियंका चतुर्वेदी का बयान

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ईडी सरकार के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में न तो ठोस तथ्य हैं और न ही कोई आपराधिक आधार, यही वजह है कि अदालतों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं।

राजनीतिक माहौल गर्म

अदालत के फैसले के बाद संसद परिसर में विपक्ष का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के मुद्दे को संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह जोरशोर से उठाएगा।

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