नवरात्रि में मां समलेश्वरी दरबार में उमड़ी आस्था, तिथि अनुसार विशेष भोग

0
149

🌺 नवरात्रि में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जांजगीर-चांपा के चांपा स्थित मां समलेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

🙏 विशेष परंपराएं और मान्यता

माना जाता है कि नवविवाहित जोड़े यहां आकर मां का आशीर्वाद लेकर ही अपने नए जीवन की शुरुआत करते हैं। यह मंदिर अपनी प्राचीन परंपराओं और चमत्कारी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।

🍯 तिथि अनुसार विशेष भोग

नवरात्रि के नौ दिनों में माता को अलग-अलग भोग अर्पित किए जाते हैं—

  • प्रतिपदा: घी (रोग मुक्ति)
  • द्वितीया: शक्कर (दीर्घायु)
  • तृतीया: दूध (दुख नाश)
  • चतुर्थी: मालपुआ (विघ्न नाश)
  • पंचमी: केला (बुद्धि वृद्धि)
  • षष्ठी: मधु (शांति)
  • सप्तमी: गुड़ (शोक नाश)
  • अष्टमी: नारियल (मानसिक शांति)
  • नवमी: लाई (सुख-समृद्धि)

🌙 कालरात्रि पूजन का आयोजन

25 मार्च को मां कालरात्रि पूजन रात्रि 11 बजे से होगा, जिसमें महानिशा पूजन और नींबू की माला अर्पित करने की विशेष परंपरा निभाई जाएगी।

📜 मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1760 में जमींदार विश्वनाथ सिंह द्वारा कराया गया था। संबलपुर की समलेश्वरी देवी को यहां कुलदेवी के रूप में स्थापित किया गया।

✨ आस्था का अटूट विश्वास

श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here