🔹 नेपाल संपत्ति जांच आयोग क्या है?
काठमांडू में बड़ा निर्णय लिया गया।
नेपाल संपत्ति जांच आयोग को औपचारिक कार्यादेश मिला।
अब आयोग जांच प्रक्रिया शुरू कर सकेगा।
🔹 कौन रहेगा जांच के दायरे में?
प्रधानमंत्री से लेकर उपसचिव स्तर तक अधिकारी शामिल हैं।
सांसद, मंत्री और स्थानीय प्रतिनिधि भी जांच में आएंगे।
नेपाल संपत्ति जांच आयोग का दायरा काफी व्यापक रखा गया।
🔹 किन्हें रखा गया बाहर?
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को दायरे से बाहर रखा गया।
वर्तमान न्यायाधीश और सेना अधिकारी भी शामिल नहीं हैं।
नेपाल संपत्ति जांच आयोग ने कुछ पदों को छूट दी।
🔹 जांच कैसे होगी?
देश और विदेश में संपत्तियों की जांच की जाएगी।
संपत्ति के स्रोत और वैधता का विश्लेषण होगा।
नेपाल संपत्ति जांच आयोग चरणबद्ध जांच करेगा।
🔹 क्या होगा आगे असर?
भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई तेज हो सकती है।
सरकार को 45 दिनों में कार्रवाई करनी होगी।
नेपाल संपत्ति जांच आयोग पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा है।



