🔹 Nepal Election Security के तहत बढ़ी सख्ती
नेपाल में पांच मार्च को प्रतिनिधि सभा चुनाव होने हैं।
इसी के चलते देशभर में चुनावी हलचल तेज हो गई है।
🔹 सेना ने संभाला मोर्चा
आज से नेपाली सेना ने चुनावी मोर्चा संभाल लिया।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
🔹 चार सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त तैनाती
Nepal Election Security के तहत चार निकाय तैनात किए गए हैं।
- नेपाली सेना
- नेपाल पुलिस
- सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल
- राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग
🔹 मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
मतदान स्थलों की भीतरी सुरक्षा नेपाल पुलिस संभालेगी।
निर्वाचन पुलिस भी मतदान केंद्रों पर तैनात रहेगी।
🔹 तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा
दूसरे स्तर की सुरक्षा सशस्त्र प्रहरी बल करेगा।
तीसरे और बाहरी घेराबंदी की जिम्मेदारी सेना निभाएगी।
🔹 सभी निर्वाचन क्षेत्रों में तैनाती
नेपाली सेना सभी 165 निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात होगी।
यह तैनाती आज से प्रभावी कर दी गई है।
🔹 राष्ट्रपति की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी
राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने तैनाती को मंजूरी दी थी।
यह निर्णय मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर लिया गया था।
🔹 80 हजार सैनिक रहेंगे ड्यूटी पर
Nepal Election Security के लिए 80 हजार सैनिक तैनात रहेंगे।
हवाई अड्डे और कारागार भी सेना की निगरानी में रहेंगे।
🔹 मतपत्र से मतगणना तक सुरक्षा
सेना मतपत्रों की छपाई और परिवहन की जिम्मेदारी संभालेगी।
मतगणना स्थलों की सुरक्षा भी सेना करेगी।
🔹 मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता
देशभर में कुल 10,967 मतदान स्थल बनाए गए हैं।
3,680 मतदान स्थल अत्यंत संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
🔹 10 मिनट में कार्रवाई का दावा
सशस्त्र प्रहरी बल ने त्वरित प्रतिक्रिया की योजना बनाई है।
किसी भी घटना पर 10 मिनट में पहुंचने का दावा किया गया है।
🔹 लोकतंत्र की कसौटी
Nepal Election Security से शांतिपूर्ण चुनाव की उम्मीद बढ़ी है।
सुरक्षा व्यवस्था लोकतंत्र को मजबूत करने का आधार बनेगी।




