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नेपाल में हिमालय स्वच्छता अभियान की शुरुआत, पर्वतारोहियों के लिए लागू होगी पंचवर्षीय योजना

नेपाल में हिमालय स्वच्छता अभियान शुरू, पर्वतारोहियों के लिए लागू होगी पंचवर्षीय योजना

काठमांडू। नेपाल सरकार ने हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए हिमालय स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। इसके साथ ही संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 2025 से 2030 तक के लिए एक पंचवर्षीय कार्ययोजना घोषित की है, जिसके तहत पर्वतों की वहन क्षमता (Carrying Capacity) के आधार पर पर्वतारोहियों की संख्या और चढ़ाई का समय तय किया जाएगा।

अब पर्वतारोहण के लिए मांग के अनुसार असीमित परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि सगरमाथा (एवरेस्ट) समेत कई प्रमुख पर्वतों पर जरूरत से ज्यादा परमिट दिए जाने के कारण अव्यवस्था, पर्यावरणीय नुकसान और सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे थे।

कचरा प्रबंधन और नियमों में सख्ती

नई पंचवर्षीय योजना में

  • कचरा प्रबंधन को सख्त बनाना
  • जमानत (डिपॉजिट) प्रणाली में सुधार
  • तकनीक का अधिक उपयोग
  • मानव संसाधन विकास
  • पर्वतों से कचरा निष्कासन पर कड़ी निगरानी

जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स द्वारा छोड़ा गया मानव मल-मूत्र, मृत शरीर, प्लास्टिक, कैन, बोतल, टेंट और अन्य अपशिष्ट हिमालयी पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। अत्यधिक ठंड के कारण यह कचरा वर्षों तक वहीं जमा रहता है।

नेपाल: हिमालय का वैश्विक केंद्र

दुनिया के 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले 14 पर्वतों में से 8 नेपाल में स्थित हैं। देश में

  • 28 हिम शृंखलाएं
  • 6,000 से अधिक नदियां व धाराएं
  • 5,358 झीलें
  • 2,232 हिमताल
  • 6,000 मीटर से ऊपर के 1,310 शिखर

मौजूद हैं, जो पूरे क्षेत्र के जल और पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

बढ़ता तापमान, पिघलते ग्लेशियर

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि तापमान मौजूदा दर से बढ़ता रहा तो इस सदी के भीतर 36 प्रतिशत तक ग्लेशियर पिघल सकते हैं, जबकि यदि कार्बन उत्सर्जन वर्तमान स्तर पर बना रहा तो यह खतरा 64 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

सरकार का कहना है कि पर्वतारोहण के शुरुआती दौर में कचरा प्रबंधन को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसका खामियाजा आज हिमालय भुगत रहा है। कई जगह पर्वतारोहियों को कचरे के ऊपर से गुजरकर चढ़ाई करनी पड़ती है।

उद्देश्य: स्वच्छ हिमालय, सुरक्षित पर्वतारोहण

नेपाल सरकार का मानना है कि यह पंचवर्षीय योजना हिमालय को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करेगी।

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