मुरादाबाद : 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित होगा सरस मेला

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मुरादाबाद : 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित होगा सरस मेला

मुरादाबाद के धान के खेतों के बीच बसी यह पौराणिक नगरी, 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक एक बार फिर से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने के लिए तैयार है। इस वर्ष का सरस मेला, जिसे स्थानीय लोग “सिरस” के नाम से भी जानते हैं, परंपरा और आधुनिकता का संगम प्रस्तुत करेगा। पाँच दिन के दौरान, मेला-प्रेमियों को न केवल प्राचीन रीति-रिवाजों का अनुभव मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय कला, संगीत, नृत्य और व्यंजनों की विविधता से भी रूबरू कराया जाएगा। यह आयोजन न केवल मुरादाबाद की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा।

सांस्कृतिक धरोहर का संगम: मुरादाबाद का सरस मेला

इस वर्ष के मेले में मुरादाबाद की अनूठी सांस्कृतिक परंपराएँ एक मंच पर एकत्रित होंगी। पाटी में झूमते हुए लोकगीत, तारा बुनकरों की हस्तशिल्प कृतियाँ और शिल्पकारों की जीवंत प्रदर्शनी सभी को आकर्षित करेंगी। साथ ही, पारंपरिक कथाकारों द्वारा सुनाई जाने वाली लोक कथाएँ और लोकनाट्य प्रस्तुतियाँ भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी। यह मेला सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को उसकी जड़ें समझाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

संगीत और नृत्य: परम्परागत प्रस्तुति और आधुनिक रचनाएँ

मेला के दौरान संगीत और नृत्य के क्षेत्र में परम्परागत और समकालीन दोनों ही रूपों की प्रस्तुति होगी। लोक वाद्ययंत्रों पर आधारित भजन, रागिनी और तान-राग की धुनें पारंपरिक मंच पर गूँजेंगी, जबकि युवा कलाकारों द्वारा आधुनिक संगीत रचनाएँ भी दर्शकों को नयी ऊर्जा देंगी। नृत्य कार्यक्रमों में भांगड़ा, कथक और कुश्ती के साथ-साथ समकालीन नृत्य शैलियाँ भी शामिल होंगी, जिससे दर्शक एक समग्र सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

खानपान का अनुभव: क्षेत्रीय व्यंजन और स्ट्रीट फूड

मेला में खानपान के क्षेत्र में भी एक नया आयाम जोड़ा गया है। मुरादाबाद के विशिष्ट व्यंजन जैसे कि “चाट”, “सत्तू भुजिया”, “कचौड़ी” और “मसाला डोसा” के साथ-साथ क्षेत्रीय स्ट्रीट फूड स्टॉल भी लगाए गए हैं। स्थानीय शिल्पकारों द्वारा तैयार की गई मिठाइयाँ और हस्तनिर्मित चाय भी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। यह खाद्य अनुभव न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह मुरादाबाद की पाक परंपराओं को भी उजागर करता है।

सुरक्षा और व्यवस्था: स्वास्थ्य, स्वच्छता और मार्गदर्शन और निगरानी

इस बड़े पैमाने के आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन स्टॉल, एंटी-कोविड उपाय, और प्रथम सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता के लिए कचरा प्रबंधन और हाइजीन स्टेशनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा निगरानी और मार्गदर्शन के लिए विशेष टीम तैनात की गई है, जिससे आगंतुकों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

निष्कर्ष

मुरादाबाद का 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाला सरस मेला, परंपरा, कला, संगीत और खानपान के समृद्ध ताने-बाने को एक साथ लाकर सभी आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित करेगा। यह मेला न केवल सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देगा। अतः, यदि आप मुरादाबाद की सांस्कृतिक धरोहर और जीवंत लोकजीवन का अनुभव करना चाहते हैं, तो इस मेला को न चूकें।