जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

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जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र में बड़ी चर्चा पैदा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि जनगणना कार्यान्वयन के लिए ज़िम्मेदार सभी जिला स्तरीय अधिकारी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) तथा अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी नवीनतम सर्वेक्षण तकनीकों और डेटा प्रबंधन कौशल से लैस हों। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्रीय लोक सर्वेक्षण विभाग (सीपीएसडी) द्वारा आयोजित किया गया और इसमें 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 600 अधिकारी स्वयं अपने जिलों के लिए जिम्मेदार थे। कार्यक्रम के दौरान नयी डिजिटल टूल्स, मोबाइल एप्लिकेशन और डेटा एनालिसिस विधियों का परिचय कराया गया, जिससे जनगणना प्रक्रिया की दक्षता और सटीकता में सुधार की उम्मीद है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया गया कि जनगणना के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी को एकजुट और तैयार किया जाए।

केंद्र सरकार ने शुरू किया जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम

केंद्र सरकार ने इस वर्ष जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल में नयी तकनीकों और डेटा प्रबंधन के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि प्रत्येक जिला अधिकारी को डिजिटल टूल्स का उपयोग सिखाया जाए, जिससे सर्वेक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

जिला स्तरीय प्रशिक्षण से सुदृढ़ हुई डेटा संग्रह क्षमता

इस प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को डेटा संग्रह की नई पद्धतियों पर प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से फ़ील्ड डेटा जमा करने, रीयल-टाइम डेटा वैलिडेशन और त्रुटि सुधार के तरीकों को सीखा। इसके अलावा, डेटा एनालिसिस के लिए उन्नत सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर का उपयोग भी सिखाया गया, जिससे डेटा की विश्वसनीयता और सटीकता बढ़ेगी।

विशेषज्ञों ने साझा किया नवीनतम सर्वेक्षण तकनीक और रणनीति

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में केंद्रीय लोक सर्वेक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डेटा वैज्ञानिक और अनुभवी सर्वेक्षक ने भाग लिया। उन्होंने नयी सर्वेक्षण तकनीकों, जैसे कि जियो-टैगिंग, क्लाउड-आधारित डेटा स्टोरेज और मशीन लर्निंग मॉडल का उपयोग करके जनगणना डेटा को बेहतर बनाने की रणनीति प्रस्तुत की। साथ ही, उन्होंने सर्वेक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की, जिससे सभी प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

भविष्य की जनगणना के लिए तैयार हैं प्रशिक्षित कर्मचारी

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद, जिला स्तरीय अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी अब पूरी तरह से सुसज्जित हैं। वे नयी तकनीकों और डेटा प्रबंधन कौशल से लैस हैं, जिससे जनगणना 2027 के तीसरे चरण की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। यह कार्यक्रम न केवल डेटा संग्रह की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि समय पर और सटीक रिपोर्ट तैयार करने में भी मदद करेगा।

निष्कर्ष

जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने नयी तकनीकों और डेटा प्रबंधन कौशल से अधिकारियों को सुसज्जित करके जनगणना प्रक्रिया को और अधिक दक्ष और सटीक बनाया है। इस पहल के माध्यम से भविष्य की जनगणना के लिए तैयार किए गए प्रशिक्षित कर्मचारी, समय पर और विश्वसनीय डेटा संग्रह सुनिश्चित करेंगे, जो नीतिगत निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।