पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरम्भ किया गया सेवा संकल्प अभियान, आज पीवीआर प्रयागराज में एक नई रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अभियान के अंतर्गत, पिक्चर विथ रेज़ॉल्यूशन (PVR) ने लगातार विशेष स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोगों को एकजुट करने का माध्यम बन गया है। हर दिन, जब धुंधली रोशनी के साथ स्क्रीन पर नई कहानियाँ उभरती हैं, तो दर्शकों के चेहरे पर उत्साह और आशा की झलक दिखाई देती है। यह पहल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि समाज में सेवा भाव और सामूहिक चेतना को जगाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिनेमा के माध्यम से समाज को जोड़ने का नया प्रयास
पीवीआर प्रयागराज ने इस अभियान के अंतर्गत ‘सामाजिक संवाद’ और ‘सांस्कृतिक समृद्धि’ पर आधारित फिल्मों की श्रृंखला प्रस्तुत की है। ‘समर्पण: एक युवा की कहानी’ और ‘स्मृतियाँ: एक बुजुर्ग का जीवन’ जैसी फिल्मों को विशेष रूप से चयनित किया गया है, ताकि दर्शकों के बीच सहानुभूति और समझ बढ़े। हर स्क्रीनिंग के बाद, प्रबंधन द्वारा आयोजित ‘कथानक संवाद’ सत्र में दर्शक अपनी भावनाओं और विचारों को साझा करते हैं। इस संवाद से पता चलता है कि कैसे सिनेमा एक साझा अनुभव बनकर लोगों के बीच दूरी को कम करता है।
बच्चों की उत्सुकता और सीखने की लालसा का संगम
सभी उम्र के बच्चों ने इन विशेष स्क्रीनिंग में हिस्सा लेकर अपनी जिज्ञासा और रचनात्मकता को नया आयाम दिया है। एक 10 वर्षीय छात्रा ने कहा, “सिनेमा देखकर मुझे लगता है जैसे मैं खुद कहानी का हिस्सा बन गया हूँ।” साथ ही, पिक्चर विथ रेज़ॉल्यूशन ने ‘कहानी कहने के कार्यशाला’ का आयोजन किया है, जहाँ बच्चे अपनी खुद की छोटी कहानियाँ लिखकर प्रस्तुत करते हैं। यह पहल न केवल उनके कथानक कौशल को बढ़ाती है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास भी देती है।
बुजुर्गों की यादें और सांस्कृतिक पहचान का पुनर्जीवन
बुजुर्गों के लिए, इन स्क्रीनिंगों का अनुभव एक भावनात्मक यात्रा बन गया है। ‘स्मृतियाँ: एक बुजुर्ग का जीवन’ फिल्म के बाद, एक 78 वर्षीय दर्शक ने अपने बचपन के अनुभव साझा किए, जिससे अन्य बुजुर्गों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस हुआ। पिक्चर विथ रेज़ॉल्यूशन ने बुजुर्गों के लिए ‘स्मृति संग्रह’ कार्यक्रम भी शुरू किया है, जहाँ वे अपनी पुरानी फ़िल्मों और फ़ोटोज़ को डिजिटल रूप में संजो कर साझा करते हैं।
समुदाय में एकजुटता और समृद्धि की भावना
इन स्क्रीनिंगों के दौरान, विभिन्न सामाजिक समूहों के लोग एक साथ आकर सामूहिक रूप से अनुभव का आनंद लेते हैं। पिक्चर विथ रेज़ॉल्यूशन ने ‘सामाजिक समन्वय कार्यक्रम’ के तहत स्थानीय कलाकारों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों को एक मंच दिया है, जहाँ वे मिलकर ‘सामुदायिक कला’ प्रस्तुत करते हैं। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट होता है कि कैसे मनोरंजन और शिक्षा एक साथ मिलकर समाज में एकजुटता और समृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
निष्कर्ष
सेवा संकल्प अभियान के तहत पीवीआर प्रयागराज में हो रही लगातार विशेष स्क्रीनिंगें न केवल मनोरंजन का नया रूप प्रस्तुत करती हैं, बल्कि समाज में सहानुभूति, शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रोत्साहित करती हैं। बच्चों की जिज्ञासा, बुजुर्गों की यादें और समुदाय की एकजुटता इस पहल के प्रमुख स्तंभ हैं। भविष्य में, यदि इस तरह के कार्यक्रमों को और भी विस्तारित किया जाए, तो यह निस्संदेह समाज के हर वर्ग को एकजुट करके, एक बेहतर और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।



