वित मंत्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित मंडल की राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए

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वित मंत्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित मंडल की राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए

छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में 27 अक्टूबर 2026 को राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में वित मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और अपनी प्रेरणादायक बातों से प्रतिभागियों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के तकनीकी प्रतिभाओं को डिजिटल युग की मांगों के अनुरूप तैयार करना था। इसमें विशेषकर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए आवश्यक कौशल विकास पर बल दिया गया।

राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आधुनिक

इस कार्यशाला का केंद्रबिंदु था “डिजिटल कौशल से सशक्त बनाना”। सरकार ने बताया कि राज्य के युवाओं को प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँच और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए भी योजनाएँ प्रस्तुत की गईं। यह पहल राज्य के आर्थिक विकास में एक नई दिशा देने वाली है।

वित मंत्री का संबोधन: प्रोत्साहन और दिशा-निर्देश संसाधन विकास

वित मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यशाला में संबोधन के दौरान कहा, “तकनीकी कौशल ही आज के समय में सबसे बड़ा संपत्ति है।” उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित किया कि वे नई तकनीकों को सीखें और अपने कौशल को उन्नत करें। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाए हैं और आगामी वर्ष में 500,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रशिक्षण केवल कौशल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उद्यमिता पर भी ध्यान दिया जाएगा।

सहभागी और प्रशिक्षण के प्रमुख विषय विकास नवाचार कौशल

कार्यशाला में 300 से अधिक प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण इलाकों से थे। प्रशिक्षण के दौरान प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Python, Java), डेटा एनालिटिक्स टूल्स (Excel, Power BI), साइबर सुरक्षा बुनियादी बातें और क्लाउड सर्विसेज (AWS, Azure) पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षकों ने वास्तविक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हाथों-हाथ अनुभव प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों ने तुरंत ही अपनी क्षमताओं को निखारा। इसके अलावा, उद्यमिता वर्कशॉप में स्टार्टअप मॉडल, बिज़नेस प्लानिंग और फंडिंग के विकल्पों पर चर्चा की गई।

भविष्य की दिशा: डिजिटल कौशल और रोजगार सृजन

मंत्री के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को “डिजिटल इंडिया” के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षुओं को राज्य सरकार द्वारा इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें प्रशिक्षुओं को फ्रीलांसिंग प्लेटफार्मों पर पंजीकृत कराना और उन्हें प्रोजेक्ट्स से जोड़ना शामिल है। इससे युवाओं को न केवल स्थायी रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने कौशल का उपयोग करके अपने परिवारों और समाज को भी बेहतर बना सकेंगे।

निष्कर्ष

वित मंत्री ओ.पी. चौधरी के संबोधन और राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला ने छत्तीसगढ़ के युवाओं में नई ऊर्जा और आशा जगाई। डिजिटल कौशल, उद्यमिता और रोजगार सृजन के इस समग्र दृष्टिकोण से राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है। सरकार की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ डिजिटल साक्षरता और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे राज्य की समृद्धि और समावेशी विकास की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ रहा है।