Two-day training for Census 2027 preparations concludes

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Two-day training for Census 2027 preparations concludes

केंद्रीय जनगणना कार्यालय ने 28 अक्टूबर 2026 को 2027 की राष्ट्रीय जनगणना के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक समाप्त किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना के लिए कर्मियों को नवीनतम तकनीक, डेटा प्रबंधन और क्षेत्रीय कार्यप्रणाली से अवगत कराना था। कार्यक्रम में 350 से अधिक सरकारी कर्मचारी, साक्षरता प्रशिक्षक और क्षेत्रीय निरीक्षक भाग लेकर जनगणना कार्य की जटिलताओं को समझने का प्रयास किया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और कार्यक्रम एवं महत्व

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल पंजीकरण, मोबाइल डेटा संग्रह, और AI‑आधारित सत्यापन प्रक्रियाओं पर कार्यशालाएँ दी गईं। कार्यक्रम का प्रारूप 8 घंटे के सत्रों में विभाजित था, जिसमें सैद्धांतिक से लेकर व्यावहारिक अभ्यास तक सब कुछ शामिल था। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को जनगणना के लिए आवश्यक दस्तावेज़ीकरण और डेटा सुरक्षा मानकों पर भी शिक्षित किया गया।

प्रमुख वक्ता और उनके विचार एवं आगे के कदम

इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनगणना निदेशक, डॉ. सुमन शर्मा ने उद्घाटन संबोधन दिया। उन्होंने जनगणना 2027 के महत्व पर बल देते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक का सही आंकड़ा प्राप्त हो, ताकि विकास योजनाएँ अधिक सटीक और प्रभावी हों।” इसके बाद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने डिजिटल पंजीकरण के लिए नई नीति और AI आधारित सत्यापन तंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे आने वाले कदमों के बारे में बताया कि 2027 से पहले 50% डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा।

प्रतिभागियों का अनुभव और प्रतिक्रिया एवं सीख सारांश

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी पाया। 45% ने बताया कि डिजिटल उपकरणों के उपयोग से उनके कार्य में दक्षता में 30% से अधिक वृद्धि होगी। एक प्रशिक्षु ने कहा, “इस प्रशिक्षण ने मुझे डेटा की वास्तविक समय में जाँच करने की क्षमता दी है।” 60% ने यह भी बताया कि वे अब डेटा की सटीकता के प्रति अधिक जागरूक हैं। इस अनुभव से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशिक्षण ने कर्मचारियों के बीच तकनीकी दक्षता और डेटा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।

भविष्य की दिशा और अपेक्षाएँ सर्वेक्षण के लिए आवश्यकताएँ

जनगणना 2027 की तैयारी के लिए अगले चरण में क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार और ग्रामीण इलाकों में मोबाइल डेटा संग्रह बिंदुओं की स्थापना की योजना है। इसके अलावा, 2027 के पहले त्रैमासिक में पायलट सर्वेक्षण के लिए 10% आबादी पर डेटा संग्रह का परीक्षण किया जाएगा। इस पायलट से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अंतिम कार्यान्वयन रणनीति को परिष्कृत किया जाएगा।

निष्कर्ष से समाप्त करें

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने जनगणना 2027 की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया। प्रतिभागियों के बीच डिजिटल दक्षता और डेटा प्रबंधन की समझ बढ़ने से आने वाले वर्ष में जनगणना कार्य अधिक सटीक और समय पर पूरा होगा। यह पहल न केवल सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायक होगी, बल्कि देश की सामाजिक-आर्थिक नीतियों को भी सुदृढ़ बनाएगी।