रेलवे में टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर हड़पे 12 लाख
परिचय
रेलवे विभाग के ट्रैक कंडीशनिंग (TC) पद के लिए नौकरी पाने के बहाने 12 लाख रुपये तक की रकम वसूलने की खबरें 7 नवंबर 2026 को सामने आईं। इस घोटाले में कई नौकरी खोजने वाले, जो रेलवे में स्थायी पद के सपने देखते थे, उन्हें फर्जी कंसल्टेंसी फर्मों द्वारा “साक्षात्कार सुविधा शुल्क” के रूप में भारी रकम वसूलने के लिए उकसाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, इस योजना में 30 से अधिक लोगों ने अपनी बचत और ऋण लेकर पैसा दिया, जबकि उन्हें नौकरी के किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ या ऑफर लेटर की पेशकश नहीं की गई। इस घोटाले ने रेलवे कर्मचारियों के बीच गहरी असंतुष्टि और सरकारी नौकरी के प्रति विश्वासघात की भावना पैदा कर दी है।
ट्रैक कंडीशनिंग पद की मांग: रेलवे में नई रोजगार संभावनाएँ
रेलवे ट्रैक कंडीशनिंग (TC) विभाग की नौकरी को लेकर बढ़ती उम्मीदों के कारण, कई नौकरी खोजने वाले इस पद को अपने करियर का प्रमुख विकल्प मानते हैं। TC पद पर काम करने के लिए रेलवे में विशेष प्रशिक्षण और सुरक्षा मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होता है। लेकिन इस पद के लिए आवेदन प्रक्रिया जटिल और समय‑साध्य है, जिसके कारण कुछ लोगों ने फर्जी कंसल्टेंसी कंपनियों के माध्यम से “तेज़” समाधान की तलाश की।
फर्जी कंसल्टेंसी के दावे: धोखाधड़ी का खुलासा
घोटाले में शामिल फर्मों ने अपने विज्ञापनों में रेलवे के आधिकारिक मानकों और साक्षात्कार प्रक्रिया का दावा करते हुए नौकरी पाने के लिए “प्रशिक्षण शुल्क” और “साक्षात्कार सुविधा शुल्क” वसूल किया। वसूल की गई राशि का अधिकांश भाग 12 लाख रुपये से अधिक था, जिसे उन्होंने नौकरी के लिए “सुविधा” के रूप में पेश किया। तथापि, इन फर्मों ने कभी भी नौकरी के लिए आधिकारिक ऑफर लेटर या दस्तावेज़ नहीं भेजे।
पुलिस और रेलवे की जांच: कार्रवाई के कदम
रेलवे विभाग और पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक संयुक्त कार्यदल गठित किया। जांच में पता चला कि फर्जी कंसल्टेंसी फर्मों ने कई बार बैंक ट्रांसफ़र और नकद लेनदेन के माध्यम से भुगतान स्वीकार किया। पुलिस ने 10 फर्मों को गिरफ्तार किया और 5 फर्मों को बंद करने का आदेश दिया। रेलवे ने भी इस घोटाले के पीड़ितों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन और शिकायत निवारण केंद्र खोला, ताकि वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
सुधार के प्रस्ताव: भविष्य में रोकथाम के उपाय
घोटाले के बाद, रेलवे विभाग ने नौकरी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की। इनमें ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का सुदृढ़ीकरण, फर्जी कंसल्टेंसी पर सख्त निगरानी, और नौकरी खोजने वालों के लिए जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। सरकार ने भी इस क्षेत्र में धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कानून लागू करने का वादा किया है।
निष्कर्ष
रेलवे में TC पद के लिए 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी ने नौकरी खोजने वालों के बीच गहरा विश्वासघात पैदा कर दिया है। इस घोटाले से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी नौकरी की खोज में धोखाधड़ी के अवसर अभी भी मौजूद हैं। पुलिस और रेलवे की त्वरित कार्रवाई ने कुछ हद तक नुकसान को कम किया है, परंतु भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए पारदर्शिता, जागरूकता और कड़ी निगरानी अनिवार्य है। नौकरी खोजने वालों को हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही आवेदन करना चाहिए और किसी भी अनधिकृत फर्म से दूरी बनाए रखनी चाहिए।


