सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचयत्र पत्र सौंपते हुए

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सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचयत्र पत्र सौंपते हुए

सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचयत्र पत्र सौंपा, जिससे उनकी नई भूमिका की शुरुआत हुई। यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम था, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हनीशा जयराम का स्वागत किया और उनके कार्यकाल की शुरुआत के अवसर पर एक शुभकामना संदेश भेजा।

राजदूत की नई भूमिका की शुरुआत

हनीशा जयराम, जो सूरीनाम की नई राजदूत हैं, ने अपना परिचयत्र पत्र सौंपते हुए नई भूमिका की शुरुआत की। उन्होंने अपने शपथ के पूर्व, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अपने कार्य के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। हनीशा जयराम ने अपने परिचयत्र पत्र में सूरीनाम और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने के अपने लक्ष्यों को व्यक्त किया।

सूरीनाम-भारत संबंधों की दिशा

सूरीनाम और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए हनीशा जयराम के प्रयासों को देखने के लिए देश के नागरिक उत्सुक हैं। राजदूत ने अपने परिचयत्र पत्र में सूरीनाम और भारत के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपने लक्ष्यों को व्यक्त किया है। उन्होंने सूरीनाम और भारत के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार में सहयोग बढ़ाने के लिए भी अपने प्रयासों का उल्लेख किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की बात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हनीशा जयराम के परिचयत्र पत्र सौंपने के अवसर पर एक शुभकामना संदेश भेजा। उन्होंने कहा, “हमें सूरीनाम और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए राजदूत हनीशा जयराम के प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें विश्वास है कि उनके कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग में वृद्धि होगी।”

निष्कर्ष

सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम के परिचयत्र पत्र सौंपने का कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे सूरीनाम और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों की शुरुआत हुई है। राजदूत ने अपने परिचयत्र पत्र में सूरीनाम और भारत के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपने लक्ष्यों को व्यक्त किया है। हमें उम्मीद है कि उनके कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग में वृद्धि होगी।

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