दीप्ति जीवनजी, जो सामाजिक कार्य और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए जानी जाती हैं, ने 20 अक्टूबर 2026 को फ़ोटो‑साई मीडिया के साथ एक नया पहल आरम्भ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं तक पहुँच को आसान बनाना था। फ़ोटो‑साई मीडिया की नवीनतम तकनीक और पीसीआई (पब्लिक कंस्ट्रक्शन इनिशिएटिव) के सहयोग से यह पहल एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दीप्ति जीवनजी का फ़ोटो‑साई मीडिया कार्यक्रम: नई पहल
इस कार्यक्रम में दीप्ति ने फ़ोटो‑साई मीडिया के नवीनतम डिजिटल कैमरे और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करते हुए ग्रामीण युवाओं को फोटो‑ग्राफ़ी और डिजिटल कहानी कहने की कला सिखाई। उन्होंने बताया कि कैसे तस्वीरों के माध्यम से अपनी कहानियाँ साझा करने से महिलाओं को अपनी आवाज़ मिलती है और उन्हें सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के दौरान लाइव डेमो भी दिखाए गए, जिससे प्रतिभागियों को तुरंत ही अपनी क्षमताओं का परीक्षण करने का मौका मिला।
सामाजिक कल्याण में दीप्ति की भूमिका: समुदाय को सशक्त बनाना
दीप्ति का कार्य सिर्फ़ शिक्षा तक सीमित नहीं है; वे स्वास्थ्य, स्वच्छता और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी कार्यक्रम चलाती हैं। इस कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं के लिए एक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किया, जहाँ उन्होंने मातृत्व स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए माइक्रो-फाइनेंस के विकल्प भी बताए, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें।
फ़ोटो‑साई मीडिया से डिजिटल समावेशन: नई तकनीक का प्रयोग
फ़ोटो‑साई मीडिया की तकनीक ने ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुँच को आसान बनाया। कार्यक्रम में दिखाया गया कि कैसे कम लागत वाले मोबाइल डिवाइस और सस्ती इंटरनेट कनेक्शन के साथ भी लोग डिजिटल प्लेटफार्मों पर अपनी सामग्री साझा कर सकते हैं। दीप्ति ने बताया कि यह डिजिटल समावेशन ग्रामीण युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला और विचारों को प्रदर्शित करने का मौका देता है, जिससे उनकी पहचान और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।
पीसीआई के साथ साझेदारी: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
पीसीआई ने इस पहल का आर्थिक और तकनीकी समर्थन किया। उनके द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी और प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण छात्रों को मुफ्त में कंप्यूटर और इंटरनेट कक्षाएँ दी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, पीसीआई के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत मोबाइल क्लिनिक भी चलाए जा रहे हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं। इस साझेदारी से शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों के क्षेत्र में एक नई दिशा तय हो रही है।
निष्कर्ष
दीप्ति जीवनजी के इस फ़ोटो‑साई मीडिया कार्यक्रम ने डिजिटल समावेशन, महिलाओं का सशक्तिकरण और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्रों में एक नया अध्याय लिखा है। पीसीआई के साथ उनकी साझेदारी ने इस पहल को व्यापक सामाजिक बदलाव की ओर अग्रसर किया है। आने वाले समय में इसी तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर खुलेंगे, जिससे समाज का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।


