मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न होती आरपीएफ एवं वाणिज्य विभाग की संयुक्त बैठक।

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मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न होती आरपीएफ एवं वाणिज्य विभाग की संयुक्त बैठक।

मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 20 अक्टूबर 2026 को आरपीएफ (रेल्वे पुलिस फोर्स) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना, सुरक्षा प्रोटोकॉल को अद्यतन करना और राजस्व बढ़ाने के लिए नई वाणिज्यिक रणनीतियाँ विकसित करना था। बैठक में प्रमुख अधिकारी, विभागीय प्रमुख, और क्षेत्रीय निरीक्षक एक साथ उपस्थित थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सुरक्षा और व्यापारिक दक्षता को एक साथ बढ़ाने का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संगठनात्मक समन्वय की नई दिशा

बैठक के दौरान, विनीता श्रीवास्तव ने दोनों विभागों के बीच समन्वय के लिए एक नया ढाँचा प्रस्तावित किया। इस ढाँचे में साझा डेटा प्लेटफॉर्म, त्वरित सूचना विनिमय, और संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इस पहल से यात्रियों की सुरक्षा और संचार में सुधार की उम्मीद है।

सुरक्षा मानकों में सुधार के प्रस्ताव

आरपीएफ के प्रमुख ने बताया कि नवीनतम सुरक्षा तकनीक, जैसे ड्रोन निगरानी, चेहरे की पहचान और एआई आधारित खतरा पहचान प्रणाली, को सभी प्रमुख स्टेशनों पर लागू किया जाना चाहिए। वाणिज्य विभाग ने इन तकनीकों के लागत-लाभ विश्लेषण पर प्रकाश डाला, जिससे निवेश पर त्वरित लाभ की संभावना स्पष्ट हुई।

वाणिज्यिक पहल और राजस्व वृद्धि

वाणिज्य विभाग के प्रमुख ने बताया कि स्टेशनों पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फूड कोर्ट और डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म के विस्तार से राजस्व में 15% की वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, ऑनलाइन टिकटिंग और मोबाइल वॉलेट के माध्यम से कस्टमाइज्ड ऑफ़र देने की योजना भी चर्चा में लाई गई।

सहयोग और भविष्य की योजनाएँ

बैठक के अंत में, दोनों विभागों ने एक संयुक्त कार्य दल गठित करने का निर्णय लिया, जो अगले वर्ष के भीतर सुरक्षा और व्यापारिक पहल को लागू करेगा। इस कार्य दल का प्रमुख विनीता श्रीवास्तव होगी, जिनके नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी योजनाएँ समय पर और प्रभावी ढंग से लागू हों।

निष्कर्ष

मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह संयुक्त बैठक, सुरक्षा और वाणिज्यिक दक्षता को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई रणनीतियों और समन्वय ढाँचों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा, साथ ही राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल भविष्य में रेल नेटवर्क के समग्र विकास के लिए एक मिसाल बनेगी।