08 नवंबर 2026 को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी मंदिर का दौरा किया, जो राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल में से एक है। यह यात्रा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी लेकर आई। मंदिर के भव्य परिसर में उपस्थित भक्तों के बीच उमंग और श्रद्धा का माहौल था, और मुख्यमंत्री ने मंदिर के दर्शन के साथ-साथ कई कार्यक्रमों में भाग लिया।
भव्य स्वागत: योगी आदित्यनाथ का हनुमानगढ़ी मंदिर आगमन
मंदिर के मुख्य द्वार पर ही मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। गार्डन में सजाए गए फव्वारे और लालटेन की रोशनी ने स्थल को एक पवित्र और भव्य रूप दिया। मुख्यमंत्री ने प्रथम दर्शन के दौरान हनुमान जी के चरणों में हाथ रखकर आशीर्वाद लिया। भक्तों ने जय जयकार के साथ उनकी प्रशंसा की। इस भव्य प्रवेश ने यह दर्शाया कि मुख्यमंत्री धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हैं और मंदिरों के महत्व को पहचानते हैं।
धार्मिक अनुष्ठान: पवित्र माला और शंख ध्वनि के साथ
अनुष्ठान के दौरान, योगी आदित्यनाथ ने पवित्र माला के साथ शंख बजाया और प्रार्थना की। मुख्य पुरोहित ने उन्हें ‘हनुमान जी की कृपा’ के प्रतीक के रूप में पवित्र जल से स्नान कराया। इस दौरान मंदिर में हजारों भक्तों ने एक साथ मंत्र उच्चारित किए। मुख्यमंत्री ने पवित्र धूप और धूम्रपान के साथ अनुष्ठान में हिस्सा लिया, जो दर्शकों के बीच एक आस्था और शांति की अनुभूति पैदा कर रहा था।
सामाजिक संदेश: योगी का भाषण और समर्पण
भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी मंदिर एक सांस्कृतिक केंद्र है, और इसका विकास पर्यटन के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। उन्होंने मंदिर के आसपास स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण योजनाओं की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए मुफ्त दान देने का वादा किया, जिससे समाज में समावेशिता और एकता का संदेश गया।
भविष्य की योजनाएँ: मंदिर विकास और पर्यटन प्रोत्साहन
मंदिर के नवीनीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। इसमें पवित्र जलाशय का विस्तार, पथरीली पथों का निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से पर्यटक मार्गदर्शन शामिल है। साथ ही, राज्य सरकार ने


