मुंबई में उद्योग प्रमुखों से की वन-टू-वन चर्चा करते हुए मप्र के मुख्यमंत्री
श्री अमिताभ सिंह, जो कि मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योगपति और उद्यमी हैं, ने 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक विशेष बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने मुंबई के प्रमुख उद्योगपतियों, स्टार्ट‑अप संस्थापकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देना और मुंबई के व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ाव बढ़ाना था।
मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति पर चर्चा, मुंबई के निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की नवीनतम औद्योगिक नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने “उद्योग विकास योजना 2026” के अंतर्गत नई औद्योगिक पार्कों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) के निर्माण की योजना बनाई है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए कर छूट, भूमि पट्टे में आसान प्रक्रियाएँ और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं। इस सब से मुंबई के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया।
स्टार्ट‑अप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन, युवा उद्यमियों को मिली नई दिशा
बैठक में स्टार्ट‑अप्स के लिए भी विशेष सत्र रखा गया। मुख्यमंत्री ने स्टार्ट‑अप्स के लिए 5% तक कर छूट, अनुदान योजनाएँ और सरकारी वित्त पोषण के लिए आसान पहुँच की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने “स्टार्ट‑अप इंडिया” के तहत एक विशेष डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है जहाँ स्टार्ट‑अप्स को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे। इस कदम से युवा उद्यमियों को नई दिशा मिली और मध्यप्रदेश को स्टार्ट‑अप हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य स्पष्ट हुआ।
वित्तीय संस्थानों के साथ सहयोग, ऋण सुविधा और नकदी प्रवाह में सुधार
मुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों से भी मुलाकात की और उनके साथ एक सहयोग ढाँचा तैयार किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बैंकिंग संस्थानों के साथ मिलकर छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा शुरू की है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने नकदी प्रवाह में सुधार के लिए एक नई “इंटरमीडिएट फाइनेंसिंग स्कीम” भी लागू की है। इस पहल से उद्योगपतियों को अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक धनराशि समय पर मिल सकेगी।
उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया, भविष्य की योजनाएँ और समग्र दृष्टिकोण
मुंबई के प्रमुख उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री की नीतियों और योजनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक वातावरण अब निवेश के लिए अत्यधिक अनुकूल हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे आगे चलकर मध्यप्रदेश के साथ साझेदारी में नई परियोजनाएँ शुरू करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने इस बैठक के दौरान यह आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उद्योगपतियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत रहेगी।
निष्कर्ष
इस वन‑टू‑वन चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश सरकार अपने औद्योगिक विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुंबई के उद्योगपतियों के साथ हुई यह बैठक न केवल दोनों पक्षों के बीच विश्वास को मजबूत करती है, बल्कि मध्यप्रदेश को एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। भविष्य में इस तरह की संवादात्मक पहलें राज्य और उद्योग के बीच समन्वय को और भी गहरा करेंगी, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की नई मिसालें खड़ी होंगी।


