मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 05 नवंबर 2026 को कोर्सेवाड़ा के दिवंगत स्व. डोमन लाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम कोर्सेवाड़ा के प्रमुख सार्वजनिक भवन के भव्य मंच पर हुआ, जहां क्षेत्र के राजनेताओं, समाजसेवकों और आम जनता की भीड़ एकत्रित थी। डोमन लाल की राजनीतिक यात्रा और समाजसेवा की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को सम्मानित किया, और इस अवसर पर अपने भावनात्मक संबोधन के साथ क्षेत्रीय विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
डोमन लाल की विरासत: एक प्रेरणादायक जीवन कहानी
स्व. डोमन लाल, जिन्होंने कोर्सेवाड़ा की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा, अपने करियर के दौरान किसानों के अधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अथक प्रयास किये। 1970 के दशक से लेकर 2020 के दशक तक उन्होंने कई बार विधायक पद संभाला और अपने निर्वाचन क्षेत्र में ग्रामीण विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। उनकी नीतिगत पहलें, जैसे कि “साक्षरता अभियान” और “स्वास्थ्य शिविर”, ने कोर्सेवाड़ा को सामाजिक-आर्थिक रूप से उन्नत बनाया। उनकी निष्ठा और समर्पण ने उन्हें स्थानीय लोगों के दिलों में एक पवित्र स्थान दिलाया, जिसे आज भी याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भावुक श्रद्धांजलि: शब्दों में बयां न हो सकेगी भावनाएँ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान डोमन लाल के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “उनकी सेवा भावना और जनता के प्रति समर्पण आज भी हमें प्रेरित करती है।” उन्होंने डोमन लाल के कार्यकाल के दौरान की कुछ प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया, और यह भी बताया कि कैसे उनके नेतृत्व ने कोर्सेवाड़ा के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं को सुदृढ़ किया। साय ने अपनी श्रद्धांजलि के साथ यह भी वादा किया कि उनकी याद में कोर्सेवाड़ा के विकास के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
समाज में डोमन लाल की याद: एक सशक्त विरासत
डोमन लाल की याद को जीवित रखने के लिए कोर्सेवाड़ा में कई पहलें चल रही हैं। उनके नाम पर एक शैक्षणिक संस्था, एक अस्पताल और एक सार्वजनिक पुस्तकालय खोलने की योजना है, जिनका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करना है। स्थानीय स्कूलों में “डोमन लाल दिवस” मनाया जाता है, जहां छात्रों को उनके कार्यों और आदर्शों के बारे में शिक्षित किया जाता है। इस प्रकार, डोमन लाल की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए समाज में एकजुट प्रयास चल रहे हैं।
निष्कर्ष: यादों का साथ, भविष्य की दिशा
आज के कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि डोमन लाल के योगदान को केवल स्मृति के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत के रूप में माना जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कोर्सेवाड़ा आगे बढ़ने के लिए तैयार है, जहाँ डोमन लाल की नीतियों और आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा। यह श्रद्धांजलि केवल एक भावुक इशारा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की नई दिशा तय करने का प्रतीक है।


