संस्कृत विश्वविद्यालय रीवा परिसर के लिए पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा

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संस्कृत विश्वविद्यालय रीवा परिसर के लिए पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा

संस्‍कृत विश्वविद्यालय, रीवा परिसर में पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण कार्य पर उपमुख्यमंत्री शुक्ल की समीक्षा 3 नवंबर 2026 को हुई। यह कार्य विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक प्रवेश सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम था। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने इस परियोजना की प्रगति, लागत व समयसीमा पर विस्तृत चर्चा की और भविष्य में इसी प्रकार के बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए अपनी योजनाएँ प्रस्तुत कीं।

शुक्ल द्वारा रीवा परिसर में पुल निर्माण की समीक्षा

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने परिसर के प्रमुख प्रवेश द्वार से लेकर पुस्तकालय, विज्ञान भवन और छात्रावासों तक जाने वाले पुल और मार्गों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य 75% से अधिक पूरा हो चुका है और शेष कार्य दो महीनों में समाप्त हो जाएगा। शुक्ल ने कहा कि पुल की ऊँचाई और चौड़ाई को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह भारी ट्रैफ़िक तथा भारी उपकरणों के लिए भी उपयुक्त रहे। उन्होंने निर्माण में उपयोग किए गए कंक्रीट की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर भी प्रकाश डाला, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पुल दीर्घकालिक उपयोग के योग्य हो।

विश्वविद्यालय की बुनियादी ढांचे का भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित

संस्‍कृत विश्वविद्यालय ने इस परियोजना के माध्यम से परिसर के भीतर के परिवहन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है। शुक्ल ने बताया कि नए पुल से छात्रों को सुबह-सुबह और शाम को भी सुरक्षित रूप से परिसर पहुँचने में आसानी होगी। इसके अलावा, यह मार्ग आपातकालीन सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपातकाल में त्वरित पहुँच जीवन रक्षक हो सकती है। विश्वविद्यालय की प्रशासनिक टीम ने इस परियोजना के लिए विशेष रूप से एक परियोजना प्रबंधन समिति गठित की है, जो लागत नियंत्रण और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है।

कार्यान्वयन की समयसीमा और प्रगति पर चर्चा आज

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यान्वयन की समयसीमा पर भी चर्चा करते हुए कहा कि 2026 के अंत तक सभी पुल और मार्गों का निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने उल्लेख किया कि परियोजना के दौरान निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी को न्यूनतम रखने के लिए ठेकेदारों के साथ सख्त अनुबंध शर्तें लागू की गई हैं। शुक्ल ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र और संकाय से मिली प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए मार्गों की चौड़ाई और सुरक्षा सुविधाएँ बेहतर की गई हैं। इस चर्चा में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण के बाद रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

भविष्य की योजनाओं में समावेशी शिक्षा पर जोर

संस्‍कृत विश्वविद्यालय के भविष्य की योजनाओं में समावेशी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। शुक्ल ने बताया कि नए पुल के साथ-साथ परिसर में चढ़ने-उतरने के लिए रैंप, साइकिल पथ और पैदल मार्ग भी बनाए जाएंगे, जिससे सभी आयु वर्ग के छात्रों को समान अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी कहा कि आगामी वर्षों में परिसर के भीतर और भी सुविधाजनक परिवहन विकल्पों का विकास किया जाएगा, जैसे कि इलेक्ट्रिक बसें और साझा साइकिल प्रणाली।

निष्कर्ष

उपमुख्यमंत्री शुक्ल की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हो गया कि संस्कृत विश्वविद्यालय रीवा परिसर में पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण कार्य को उच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। यह परियोजना न केवल छात्रों के लिए सुरक्षित और सुगम पहुँच सुनिश्चित करेगी, बल्कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। शुक्ल की मार्गदर्शक भूमिका और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिबद्धता से यह सुनिश्चित होता है कि भविष्य में शिक्षण एवं शोध के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और आधुनिक बुनियादी ढाँचा उपलब्ध होगा।