परिचय
वसंत की हल्की हवा के साथ 06 अक्टूबर 2026 को एक विशेष सेवा संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के प्रतिनिधि, राम सूरत मौर्य, ने गौशाला में गायों को गुड़ खिलाने की परंपरागत प्रथा को पुनर्जीवित करते हुए समाज में एक नया संदेश पहुँचाया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पशुओं के प्रति करुणा दिखाना था, बल्कि ग्रामीण समुदाय में कृषि‑पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था।
राम सूरत मौर्य ने गौशाला में सेवा संकल्प यात्रा का नेतृत्व
गौशाला के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही उपस्थित सभी ने राम सूरत मौर्य का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने स्वयं गायों के पास जाकर उन्हें गुड़ का चूर्ण दिया, जिससे उनके मन में एक अनोखा उत्साह जागृत हुआ। इस कार्यक्रम में नगर पालिका के अन्य अधिकारी, स्थानीय किसान, पशु चिकित्सक और कुछ युवा स्वयंसेवक भी शामिल थे।
गायों को गुड़ खिलाने की परंपरा और उसका महत्व
गुड़, जिसे पचने में आसान और पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है, गायों के लिए एक स्वाभाविक आहार है। राम सूरत मौर्य ने इस बात पर प्रकाश डाला कि गुड़ से गायों को ऊर्जा मिलती है और उनकी दूध उत्पादन क्षमता बढ़ती है। साथ ही, यह परंपरा पशु कल्याण के प्रति समाज की जागरूकता को भी बढ़ाती है।
नगर पालिका परिषद की पहल से समाज में जागरूकता
नगर पालिका परिषद ने इस कार्यक्रम के दौरान गाय पालन के महत्व और पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई कार्यशालाएँ आयोजित कीं। उन्होंने बताया कि कैसे सही आहार, स्वच्छता और नियमित जांच से गायों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। कार्यक्रम के अंत में, उन्होंने एक स्वच्छता अभियान की घोषणा की, जिसमें गौशाला के अंदर और बाहर की सफ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भविष्य की योजनाएँ और निरंतर देखभाल की दिशा
राम सूरत मौर्य ने कहा कि यह सिर्फ एक बार का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक निरंतर पहल है। आने वाले महीनों में वे हर महीने एक बार गौशाला में आकर गुड़ खिलाने का कार्यक्रम चलाएंगे। साथ ही, उन्होंने किसानों को जैविक खाद और प्राकृतिक दवाओं के उपयोग के लिए प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई।
निष्कर्ष
इस सेवा संकल्प यात्रा से स्पष्ट होता है कि जब स्थानीय नेतृत्व समाज के कल्याण के लिए कदम उठाता है, तो वह न केवल पशुओं की भलाई में योगदान देता है, बल्कि ग्रामीण समाज में सतत विकास और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। राम सूरत मौर्य और नगर पालिका परिषद की इस पहल से आने वाले वर्षों में गाय पालन में सुधार और कृषि‑पर्यावरण के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।


