राजनाथ सिसिंह

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राजनाथ सिसिंह

07 नवंबर 2026 को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में एक ऐतिहासिक भाषण देते हुए भारत की रक्षा क्षमताओं में नई दिशा लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्नत तकनीक और रणनीतिक साझेदारियों की आवश्यकता है। इस दिन, रक्षा मंत्रालय ने नई मिसाइल प्रणाली “अवरोधक” के अनावरण के साथ-साथ सैन्य बजट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की भी घोषणा की। यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

रक्षा मंत्री ने संसद में किया ऐतिहासिक भाषण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के सामने अपने भाषण में बताया कि भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नई तकनीकी नवाचारों की आवश्यकता है। उन्होंने “अवरोधक” मिसाइल प्रणाली को एक “क्वांटम छलांग” के रूप में वर्णित किया, जो 2000 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर लक्ष्यों को सटीक रूप से मार सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रणाली स्वचालित लक्ष्य पहचान और स्वायत्त निर्णय लेने की क्षमताओं से लैस है।

नई मिसाइल प्रणाली का अनावरण: रक्षा में नई ऊँचाई

“अवरोधक” मिसाइल को 07 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शन में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इस मिसाइल का प्रक्षेपण 2500 किलोमीटर तक के लक्ष्यों पर किया जा सकता है और यह उच्च-ऊँचाई वाले कक्ष में भी प्रभावी है। रक्षा मंत्रालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने बताया कि इस मिसाइल का विकास 2018 में शुरू हुआ और इसे भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से पूरा किया गया।

सैन्य बजट में बढ़ोतरी की घोषणा: रक्षा को मिलेगी नई ऊर्जा

रक्षा मंत्री ने बजट में 15% की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए ₹12.5 ट्रिलियन के रूप में तय की गई। इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य नई मिसाइल प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और साइबर युद्ध क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। मंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी।

आंतरराष्ट्रीय सहयोग और रणनीति: भारत-रूस रक्षा संवाद की नई दिशा

रक्षा मंत्री ने रूस के साथ हुए “रूस-भारत रक्षा संवाद” के तहत नई रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि की। इस संवाद में दोनों देशों ने मिसाइल रक्षा, साइबर सुरक्षा और संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने संयुक्त रूप से “सुरक्षा मंच” की स्थापना की बात कही, जिसमें भारत, रूस, यूएसए और अन्य मित्र राष्ट्र शामिल होंगे।

निष्कर्ष

राजनाथ सिंह के इस ऐतिहासिक कदम से स्पष्ट होता है कि भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वावलंबी और उन्नत बनाने के मार्ग पर अग्रसर है। “अवरोधक” मिसाइल और बजट में बढ़ोतरी से भारतीय सेना को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से वैश्विक रणनीतिक संतुलन में भी भारत की भूमिका मजबूत होगी। 07 नवंबर 2026 का यह दिन भारतीय रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में याद रहेगा।