रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 08‑नवंबर‑2026 को शेराथांग के ऊँचे पठार पर अपने सैनिकों के साथ दीपावली का भव्य जश्न मनाया। यह पर्व, जो पारंपरिक रूप से परिवारों और समुदायों के बीच दीपों से सजाए जाने पर आधारित है, इस बार सैन्य समर्पण और सुरक्षा की भावना को एक नया आयाम दिया। शेराथांग, जो कि नेपाली सीमा के नज़दीक स्थित एक रणनीतिक बिंदु है, वहाँ की सैनिक इकाइयाँ लगातार 24‑घंटे तैनात रहती हैं। राजनाथ सिंह की इस उपस्थिति ने सैनिकों के मनोबल को नई ऊर्जा दी और देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया।
सैनिकों के साथ दीपावली का खास उत्सव: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
मंदिर की रोशनी के बीच रक्षामंत्री ने सैनिकों के साथ मिलकर दीप जलाए, मिठाई बाँटी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नृत्य, गीत और पारंपरिक भजन का समावेश था, जिससे सैनिकों को घर की याद ताज़ा हुई। राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सेना की वीरता और समर्पण इसी तरह की परंपराओं से सुदृढ़ होती है।” इस प्रकार की गतिविधियाँ सैनिकों को मानसिक सुकून देती हैं और उनकी एकजुटता को बढ़ाती हैं।
शेराथांग का सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और परंपराएँ
शेराथांग, जो कि शिखर पर स्थित है, यहाँ की स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर समृद्ध है। यहाँ की परंपराओं में दीपावली के दौरान विशेष रूप से ‘रातो दीप’ जलाया जाता है, जो सुरक्षा और शांति का प्रतीक है। सैनिकों ने भी इस परंपरा को अपनाया, जिससे स्थानीय संस्कृति और सेना के बीच एक नया पुल बना। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक समागम था।
रक्षामंत्री की भागीदारी से मनोबल में बढ़ोतरी
रक्षामंत्री की उपस्थिति ने सैनिकों के मनोबल में स्पष्ट बढ़ोतरी की। जब नेता स्वयं कार्यक्रम में भाग लेते हैं, तो सैनिकों को यह महसूस होता है कि उनका कार्य उच्च स्तर पर सराहा जा रहा है। इससे उनकी कार्यक्षमता और समर्पण में वृद्धि होती है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ऐसी पहलें सेना की प्रेरणा को बढ़ाती हैं और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध बनाती हैं।
भविष्य के लिए सुरक्षा और समर्पण का संदेश
इस दीपावली कार्यक्रम के माध्यम से रक्षामंत्री ने भविष्य के लिए सुरक्षा और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना देश की शांति और समृद्धि की कुंजी है। हमें हर परिस्थिति में तैयार रहना चाहिए।” यह संदेश सैनिकों को न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।
निष्कर्ष
शेराथांग में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ दीपावली मनाने से सैनिकों के बीच एकजुटता और समर्पण की भावना गहरी हुई। इस कार्यक्रम ने न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखा, बल्कि सैन्य मनोबल को भी नई ऊर्जा से भर दिया। यह स्पष्ट है कि ऐसी पहलें सेना की कार्यक्षमता और देशभक्ति को मजबूत करती हैं, जिससे भविष्य में देश की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित होती है।


