सममेलन के दौरान अतिथि

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सममेलन के दौरान अतिथि

सममेलन के दौरान अतिथि

नव वर्ष के आरम्भ में आयोजित राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में 03 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के कांगोरे में अतिथि अतुलनीय विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का समूह एकत्रित हुआ। इस सममेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के तात्कालिक प्रभावों पर चर्चा करना और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना था। अतिथियों की विविध पृष्ठभूमि ने इस कार्यक्रम को बहुआयामी और प्रभावी बनाया, जिससे उपस्थित सभी को नई प्रेरणा मिली।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने किया ज्ञान साझा: जलवायु नीति पर गहन चर्चा

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में डॉ. एम्मा विलियम्स, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज की जलवायु नीति शोधकर्ता ने वैश्विक तापमान वृद्धि के नवीनतम आँकड़े प्रस्तुत किये। उन्होंने बताया कि 2050 तक वैश्विक औसत तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से निवारण के लिये 40% तक उत्सर्जन कटौती अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने नवीनीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया, जिससे नीति निर्माताओं के बीच सक्रिय संवाद शुरू हुआ।

सरकारी प्रमुखों ने प्रस्तुत की नई पहलें सतत विकास के लिए

भारत सरकार के प्रमुख प्रतिनिधि, ऊर्जा मंत्री श्री अनिल कुमार ने नई ‘ग्रीन एनर्जी 2030’ योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत 2025 तक 70% नवीनीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए अनुदान और कर छूट उपलब्ध कराएगी, जिससे ऊर्जा गरीबी को कम करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के प्रति सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के नेताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

सामाजिक संगठनों ने योगदान किया नवोन्मेषी समाधान कुशल ऊर्जा के लिए

सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विशेषकर ‘ग्रीन फ्यूचर फाउंडेशन’, ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए कम लागत वाले इन्सुलेशन सामग्री पर कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने दिखाया कि कैसे स्थानीय कारीगरों के सहयोग से बायोमास से ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है। इसके अलावा, उन्होंने शहरी बुनियादी ढांचे में हरित छतों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन योजनाओं का प्रस्ताव रखा, जो शहरी तापमान में कमी और वायु गुणवत्ता सुधार में सहायक होंगे।

उद्योग के नेताओं ने दिखाया व्यावहारिक उदाहरण उत्पादन में

उद्योग जगत से प्रमुख कंपनियों के अध्यक्ष, जैसे कि ‘एनर्जी कॉर्प’ और ‘इकोप्लास्ट लिमिटेड’, ने अपने उत्पादन प्रक्रियाओं में अपनाई गई ऊर्जा बचत तकनीकों के बारे में रिपोर्ट दी। एनर्जी कॉर्प ने 2024 में अपने कारखानों में 30% ऊर्जा खपत कम करने के लिए स्मार्ट ग्रिड सिस्टम लागू किया, जबकि इकोप्लास्ट ने बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के निर्माण में CO₂ उत्सर्जन घटाने के लिए नवीन रासायनिक प्रक्रियाओं को अपनाया। इन प्रायोगिक उदाहरणों ने अन्य उद्योगों को भी प्रेरित किया।

निष्कर्ष

सममेलन के दौरान अतिथियों द्वारा साझा की गई अंतर्दृष्टि और अनुभवों ने जलवायु परिवर्तन के प्रति राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता की भावना को जगाया। नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, सामाजिक संगठनों और उद्योग के नेताओं के बीच हुए संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि केवल संयुक्त प्रयासों से ही सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। 03 अक्टूबर 2026 की यह बैठक एक नई दिशा तय करती है, जहाँ वैज्ञानिक ज्ञान, नीति नवाचार और व्यावहारिक समाधान एक साथ मिलकर भविष्य को सुरक्षित बनाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।