एडीसी अंजलि श्रोत्रिया सूरजकुंड मेला स्थल का निरीक्षण करते हुए

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एडीसी अंजलि श्रोत्रिया सूरजकुंड मेला स्थल का निरीक्षण करते हुए

एडीसी की प्रमुख अधिकारी अंजलि श्रोत्रिया ने 22 अक्टूबर 2026 को सूरजकुंड मेला स्थल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य मेले की तैयारी, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करना था, ताकि आने वाले दिनों में होने वाले सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सकें। मेले के स्थल पर विविध प्रकार के स्टॉल, पवित्र जल स्रोत, और पंक्तिबद्ध पथ बनाये गये हैं, जिनकी व्यवस्था श्रोत्रिया जी ने व्यक्तिगत रूप से देखी। उन्होंने मेले के आयोजन के लिए आवश्यक स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा केंद्रों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया।

स्थल पर बुनियादी ढांचे की जाँच: पथ, प्रकाश और सुरक्षा

श्रोत्रिया जी ने पहले पथों की चौड़ाई और सतह की गुणवत्ता पर नजर डाली। पथों के किनारों पर टेपिंग करके भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की गयी है। प्रकाश व्यवस्था के लिए LED बल्बों का उपयोग किया गया है, जिससे ऊर्जा बचत के साथ-साथ रात में भी पर्याप्त रोशनी उपलब्ध रहे। सुरक्षा के लिहाज़ से CCTV कैमरे और सुरक्षा गार्डों की तैनाती को भी उन्होंने निरीक्षित किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयारियाँ: कार्यक्रम तालिका और कलाकार

मेला स्थल पर कलाकारों के लिए अलग-अलग मंच तैयार किये गये हैं। श्रोत्रिया जी ने कार्यक्रम तालिका की समीक्षा की, जिसमें पारंपरिक नृत्य, भजन, और पवित्र गीतों के कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही, कलाकारों के लिए आवास व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कलाकारों के लिए स्वच्छ शौचालय और भोजन व्यवस्था भी उपलब्ध हो।

स्वच्छता और स्वास्थ्य: स्वच्छता अभियान और चिकित्सा सहायता

स्वच्छता के लिहाज़ से मेले के दौरान हर 500 मीटर पर स्वच्छता कर्मी तैनात हैं। श्रोत्रिया जी ने स्वच्छता अभियान के लिए कचरा प्रबंधन योजना की समीक्षा की। साथ ही, मेले के दौरान एक चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किया गया है, जहाँ प्राथमिक उपचार और दवाओं की आपूर्ति उपलब्ध होगी।

पर्यावरण संरक्षण: हरित पहल और जल संरक्षण

मेला स्थल पर हरित पहल के तहत पेड़-रोपण कार्यक्रम चल रहा है। श्रोत्रिया जी ने जल संरक्षण के लिए बायो-डिस्पोजेबल बर्तन और पुन: उपयोग योग्य जल पात्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, मेले के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे को अलग-अलग कंटेनरों में बाँटा गया है, जिससे पुनर्चक्रण संभव हो सके।

निष्कर्ष

अंजलि श्रोत्रिया द्वारा किए गए निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि सूरजकुंड मेला स्थल पर हर पहलू पर सूक्ष्म ध्यान दिया गया है। बुनियादी ढांचे से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वच्छता, स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण तक, सभी पहलुओं को संतुलित रूप से तैयार किया गया है। यह निरीक्षण मेले के सफल आयोजन के लिए एक मजबूत आधारशिला रखता है, और आने वाले दिनों में मेले का आनंद लेते हुए सभी सहभागी सुरक्षित एवं संतुष्ट रहेंगे।