कृषि-प्रधान क्षेत्र के छोटे से शहर रुपाही में दिवाली के त्यौहार पर मुख्यमंत्री हिमन्ता का स्वागत गर्मजोशी से किया गया। 8 नवंबर 2026 को, जब रुद्राक्ष के प्रकाश से सजी गलियाँ और चिरैया के गीतों से गूंजती हुई रौशनी ने शहर को अलंकृत किया, तब मुख्यमंत्री ने रुपाही के ग्रामीणों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, जिससे यहाँ के निवासियों के दिलों में उमंग और आशा की नई लहर दौड़ गई। यह यात्रा, जो राज्य की प्रमुख आर्थिक योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू करने के उद्देश्य से थी, ने न केवल स्थानीय लोगों को प्रेरित किया, बल्कि राज्य सरकार की ग्रामीण विकास नीति के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर किया।
दिवाली के रंगों में रुपाही की ताज़ी शुरुआत
रुपाही के प्रमुख चौक पर लालटेन और दीयों की रोशनी ने एक जादुई माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री हिमन्ता ने रौशनी के बीच से गुजरते हुए गाँव के लोगों से हाथ मिलाया, और उनके साथ मिलकर एक छोटी सी नृत्य-प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम न सिर्फ़ सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीणों के बीच एकजुटता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।
ग्रामीण विकास योजनाओं की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने रुपाही में लागू की जा रही ‘किसान सशक्तिकरण योजना’ के बारे में बताया। इस योजना के तहत किसानों को नवीनतम कृषि तकनीक, उन्नत बीज और बायो-फर्टिलाइज़र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देगी।
स्थानीय व्यापारियों को मिले प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने रुपाही के छोटे व्यापारियों के लिए ‘माइक्रो-फाइनेंस स्कीम’ के बारे में जानकारी दी। इस योजना से स्थानीय उद्यमियों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे। व्यापारियों ने खुशी-खुशी इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर
रुपाही में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहलों की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने एक नए स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन का आह्वान किया, जहाँ ग्रामीणों को मुफ्त चिकित्सा सेवा मिलेगी। साथ ही, उन्होंने डिजिटल शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से स्कूलों में आईटी शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि युवा पीढ़ी को बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके।
निष्कर्ष
रुपाही में दिवाली के अवसर पर मुख्यमंत्री हिमन्ता की गर्मजोशी भरी यात्रा ने न केवल ग्रामीणों के दिलों को छुआ, बल्कि राज्य सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों के प्रति समर्पण को भी रेखांकित किया। इस कार्यक्रम ने दर्शाया कि जब नेता और जनता एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो विकास की राह तेज़ और स्थायी बन जाती है। रुपाही की यह दिवाली, एक नई उम्मीद और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनकर सामने आई।


