अखंड भारत महासंघ की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।

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अखंड भारत महासंघ की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।

अखंड भारत महासंघ (एबीएम) की 04 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के शासकीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित वार्षिक बैठक में देश भर के प्रमुख राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक नेताओं ने एकत्र होकर भारत के एकीकरण और विकास के लिए अपनी रणनीतिक योजनाएँ प्रस्तुत कीं। इस बैठक में कुल 250 से अधिक सदस्य प्रतिनिधि, तथा 15 प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे, जिनमें महासंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव जनरल, खजाना अधिकारी, तथा कई प्रमुख क्षेत्रीय निदेशक शामिल थे। एबीएम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना, आर्थिक समन्वय स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय हितों का प्रतिनिधित्व करना है। इस वर्ष की बैठक का मुख्य विषय “समग्र विकास के लिए एकीकृत नीतियाँ” था, जिसे विभिन्न समितियों के कार्ययोजनाओं और वित्तीय रिपोर्टों के माध्यम से विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

अध्यक्ष का स्वागत और उद्घाटन संबोधन आज सत्र

महासंघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने समस्त उपस्थिति को धन्यवाद देते हुए उद्घाटन संबोधन दिया। उन्होंने 2025-26 के दौरान एबीएम द्वारा की गई प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जैसे कि ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम, शिक्षा में सुधार और डिजिटल समावेशन पहल। अध्यक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि आने वाले वर्ष में एबीएम को किस प्रकार से आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समरसता के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे नई नीतियों को सक्रिय रूप से लागू करें और अपनी स्थानीय शाखाओं में जागरूकता फैलाएँ।

उपाध्यक्ष द्वारा नयी रणनीति का प्रस्तुतीकरण संगठन के लक्ष्य के संदर्भ

उपाध्यक्ष अनजली शर्मा ने “राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समग्र दृष्टिकोण” पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने तीन प्रमुख स्तंभों – आर्थिक समन्वय, सांस्कृतिक संवाद और पर्यावरणीय स्थिरता – को उजागर किया। रणनीति में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यक्रमों का समन्वय, ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी, तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील नीतियाँ शामिल थीं। उपाध्यक्ष ने बताया कि इन योजनाओं से 2027 तक भारत के 70% ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन और शिक्षा स्तर में सुधार संभव है।

सचिव जनरल ने कार्ययोजना और रिपोर्ट साझा की सदस्यों के साथ

सचिव जनरल डॉ. सुरेश पटेल ने एबीएम की कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु प्रस्तुत किए। उन्होंने 2026-27 के लिए तीन प्राथमिक परियोजनाएँ – “कृषि नवाचार केंद्र”, “स्मार्ट शिक्षा नेटवर्क” और “सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा” – पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष की वित्तीय रिपोर्ट, आय-व्यय विवरण और अनुदान वितरण की पारदर्शिता पर जोर दिया। सचिव ने यह भी बताया कि एबीएम की नई रिपोर्टिंग प्रणाली से सदस्यों को वास्तविक समय में परियोजनाओं की प्रगति देखने की सुविधा मिलेगी, जिससे जवाबदेही और दक्षता दोनों बढ़ेंगी।

खजाना अधिकारी ने वित्तीय स्थिति और निधि आवंटन पर चर्चा संगठन

खजाना अधिकारी अरुण मेहता ने एबीएम के वित्तीय स्वास्थ्य का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2025-26 में कुल आय ₹1,200 करोड़ रही, जिसमें से 45% सरकारी अनुदान, 30% निजी दान और 25% स्वयंसेवी योगदान थे। मेहता ने आगामी वर्ष के लिए ₹900 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया, जिसमें 60% कृषि और ग्रामीण विकास, 20% शिक्षा और 20% स्वास्थ्य पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और ऑडिट प्रक्रियाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि सभी हितधारक विश्वसनीयता से निवेश कर सकें।

निष्कर्ष

अखंड भारत महासंघ की इस बैठक ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकीकरण और समृद्धि के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव जनरल और खजाना अधिकारी द्वारा प्रस्तुत योजनाएँ और वित्तीय रणनीतियाँ एबीएम के मिशन को सुदृढ़ करेंगी। आने वाले वर्ष में इन पहलों के कार्यान्वयन से भारत के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक-आर्थिक समरसता और सतत विकास संभव होगा, जिससे अखंड भारत का दृष्टिकोण साकार हो सकेगा।