मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के रुखी चौक में आयोजित जनसभा को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, सामाजिक समरसता और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस संबोधन में उन्होंने अपने सरकार के प्रमुख उपलब्धियों पर बल देते हुए भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की दृढ़ संकल्प व्यक्त की। इस कार्यक्रम में हजारों नागरिक, पार्टी के वरिष्ठ नेता और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।
आर्थिक विकास में नई दिशा: निवेश और रोजगार पर विशेष ध्यान
योगी ने आर्थिक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले पाँच वर्षों में राज्य में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में 35 % की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने नई ‘उद्योग पार्क’ परियोजना का परिचय कराया, जो कि 2028 तक 5,00,000 रोजगार सृजित करने का वादा करती है। इसके अलावा, उन्होंने किसानों के लिए डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रमों की शुरुआत की घोषणा की।
शिक्षा और स्वास्थ्य: समावेशी प्रगति के कदम
साक्षरता दर 93 % तक पहुँचने के बाद, योगी ने शिक्षा क्षेत्र में ‘डिजिटल कक्षा’ पहल के विस्तार की बात की। उन्होंने ग्रामीण अस्पतालों में टेलीमेडिसिन सुविधा के विस्तार का भी उल्लेख किया, जिससे दूरदराज के लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सेवा मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने ‘स्वास्थ्य वेलनेस सेंटर’ की स्थापना की योजना बताई, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक उपचार को बढ़ावा देना है।
सामाजिक समरसता और धर्मनिरपेक्षता का संदेश
सभी धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए, योगी ने धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘सामाजिक समरसता आयोग’ के गठन से धार्मिक संघर्षों को कम करने में सफलता पाई है। साथ ही, उन्होंने युवाओं को समावेशी समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरणीय प्रतिबद्धता: हरित विकास की दिशा
पर्यावरण मंत्री के साथ मिलकर, योगी ने ‘हरित ऊर्जा मिशन’ के तहत 2027 तक 70 % नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त करने की योजना पेश की। उन्होंने जल संरक्षण और वृक्षारोपण कार्यक्रमों की सफलता को उजागर किया, और बताया कि 2026 में ही 1.2 करोड़ पेड़ लगवाए गए। इसके अलावा, उन्होंने कचरा प्रबंधन के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ मॉडल अपनाने की घोषणा की।
निष्कर्ष
इस जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया, जिससे नागरिकों में आशा और विश्वास की भावना जागृत हुई। उन्होंने आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय सततता को एकीकृत करते हुए समग्र प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाए। इस संबोधन ने यह संदेश दिया कि सरकार और जनता मिलकर एक समृद्ध, समावेशी और हरित भविष्य की दिशा में अग्रसर हैं।


