ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए ट्रायल 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के राष्ट्रीय तीरंदाजी केंद्र में आयोजित किया गया। इस ट्रायल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा के स्तर को ऊँचा उठाना और देश के उभरते तीरंदाजों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाना है। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक युवा तीरंदाजों ने भाग लिया, जिनमें से 75 ने अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अगले चरण के लिए क्वालिफाई किया।
विश्वविद्यालयों के बीच तीरंदाजी का नया युग
इस ट्रायल में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों के तीरंदाजों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को राष्ट्रीय तीरंदाजी संघ के प्रमुख के नेतृत्व में संचालित किया गया, जबकि भारतीय ओलंपिक समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
प्रशिक्षकों की भूमिका और प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रत्येक विश्वविद्यालय के तीरंदाजों के साथ अनुभवी प्रशिक्षकों ने गहन प्रशिक्षण सत्र चलाए। विशेष रूप से, पूर्व ओलंपिक तीरंदाज अमित कुमार ने युवा प्रतिभाओं को लक्ष्य निर्धारण और मानसिक दृढ़ता पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
ट्रायल में प्रमुख क्षण और आंकड़े
ट्रायल के दौरान सबसे अधिक दूरी पर निशाना लगाने वाले तीरंदाज का स्कोर 98 अंक रहा। 10 विश्वविद्यालयों के बीच कुल 3500 अंक जमा किये गए, जिनमें से 12 तीरंदाजों ने 90 से अधिक अंक प्राप्त किये।
भविष्य की योजनाएँ और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तैयारी
क्वालिफाई करने वाले तीरंदाजों को अगले महीने होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयारी का मौका मिलेगा। भारतीय तीरंदाजी संघ ने घोषणा की है कि इन खिलाड़ियों को विशेष कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यास मैदानों तक पहुँचाया जाएगा।
निष्कर्ष
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए आयोजित यह ट्रायल न केवल युवा तीरंदाजों के कौशल को उजागर करता है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी को नई दिशा भी देता है। विश्वविद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता से इस खेल की लोकप्रियता और स्तर दोनों में वृद्धि की उम्मीद है। यह पहल भारतीय तीरंदाजी को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।


