प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवम्बर 2026 को बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। यह कार्यक्रम बस्तर के सांस्कृतिक धरोहर और सुरक्षा बलों की समर्पित सेवा को श्रद्धांजलि देता है। दिवाली के उजाले में बस्तर के छोटे‑छोटे गाँवों में भी रौशनी की बौछार हुई, जहाँ स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर परंपरागत रीतियों को नयी ऊर्जा से जीया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सुरक्षा बलों को विशेष सम्मानित किया और बस्तर के विकास योजनाओं पर चर्चा की। यह कार्यक्रम बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक मजबूत पुल बनाने का प्रतीक है।
बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर में दिवाली की रोशनी
बस्तर के पहाड़ी इलाकों में स्थित मंदिरों और पगडंडियों पर दीप जलाने की परंपरा को प्रधानमंत्री ने नई ऊर्जा दी। उन्होंने स्थानीय पंडितों के साथ मिलकर मंदिरों के अंदर दीप जलाए, जहाँ सुरक्षा बलों के जवानों ने भी भाग लिया। इस समारोह में स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य और गायन का आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया गया।
सुरक्षाबलों के साथ मिलकर सभी जश्न की धूमधाम
सुरक्षा बलों के जवानों ने दिवाली के दिन विशेष रूप से तैयार किए गए सजावटी बैनर और रंगीन लाइटों के साथ अपनी यूनिफ़ॉर्म में चमक बिखेरी। प्रधानमंत्री ने उनके साथ मिलकर लाइट्स जलाईं और रैफल में भाग लेने वाले जवानों को विशेष उपहार वितरित किए। इस कार्यक्रम ने सुरक्षा बलों के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाया और उनकी समर्पित सेवा को मान्यता दी।
राष्ट्रपति के साथ बस्तर की प्रगति पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने बस्तर के विकास योजनाओं पर राष्ट्रपति के साथ विस्तृत चर्चा की, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बस्तर में चल रही नई सड़क परियोजना, जल आपूर्ति योजनाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी के बारे में भी बताया। इस संवाद से बस्तर के लोगों को यह विश्वास हुआ कि उनकी प्रगति के लिए केंद्र सरकार का पूरा समर्थन है।
दिवाली के अवसर पर सामुदायिक विकास योजनाओं का वचन
दिवाली के दौरान प्रधानमंत्री ने बस्तर के ग्रामीण समुदायों के लिए विशेष योजनाओं का वचन दिया। इसमें शैक्षिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएँ, और महिलाओं के लिए उद्यमिता कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बस्तर की समृद्धि को बढ़ाने और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने का यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के बीच एक सुदृढ़ संबंध स्थापित करता है। यह कार्यक्रम बस्तर के लोगों के लिए गर्व का विषय बन गया है और यह दर्शाता है कि कैसे विविधता और समर्पण को एकजुट कर राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया जा सकता है।


